आर के अग्रवाल पुनः बने गौशाला संघ के प्रदेश अध्यक्ष
● झारखंड प्रादेशिक गौशाला संघ की प्रदेशस्तरीय बैठक, कई सुझाव पर चर्चा
जमशेदपुर : झारखंड प्रादेशिक गौशाला संघ की प्रदेशस्तरीय बैठक रांची के एक होटल में हुई, जिसकी शुरुआत गौ पूजन, आरती से हुई. बैठक में गौशालाओं के संचालन, गौवंश के संरक्षण, संवर्धन, स्वास्थ्य, आहार, प्रबंधन एवं आत्मनिर्भरता जैसे कई विषयों पर विचार-विमर्श किया गया.
बैठक का संचालन व विषय प्रवेश महासचिव अनिल मोदी ने किया. अनिल मोदी में गौशाला संघ द्वारा किए जा रहे कार्यों की रिपोर्ट पेश की.
बैठक की अध्यक्षता करते हुए संघ के प्रदेश अध्यक्ष आरके अग्रवाल ने झारखंड की गौशालाओं के समुचित विकास के संदर्भ में कई सुझाव प्रस्तुत किए. उन्होंने गो सेवा आयोग द्वारा प्रदेश की पंजीकृत गौशालाओं को विकास मद में प्रत्येक वर्ष 50 लाख रुपए का अनुदान को बढ़ाकर एक करोड़ करने का आग्रह किया. उन्होंने कुट्टी व चारा मद में 100 से बढ़कर 200 करने और झारखंड में लागू बिहार गौशाला एक्ट 1960 को शिथिल कर प्रदेश में झारखंड गौशाला एक्ट लागू करने का भी आग्रह किया. उन्होंने संघ की ओर से सरकार से मांग की कि 500 से कम गायोंवाली गौशाला में एक एवं 500 से अधिक गायों की संख्या वाली गौशालाओं में दो और 1000 से ऊपर गायवाली गौशालाओं में तीन एवं 2000 गायों वाले गौशालाओं में चार पशु चिकित्सा की अस्थाई सेवा हेतु नियक्ति की जाए संग दवाओ की भी व्यवस्था की जाए ताकि गोवंश का समुचित इलाज हो सके. गौशालाओं में केंचुआ खाद का उत्पादन हो रहा है सरकार से आग्रह है कि इस जैविक खाद की खरीद गौशालाओं के माध्यम से अवश्य करें.
संघ के अध्यक्ष राजकुमार अग्रवाल ने संघ के अध्यक्ष पद हेतु गोशाला प्रतिनिधियों से आगे आने का आग्रह किया, लेकिन बैठक में उपस्तिथ राज्य की सभी गौशालाओं के प्रतिनिधियों ने एक मत के साथ खड़े होकर तालियों की गड़गड़ाहट के स्वागत के साथ उन्हें पुनः अध्यक्ष पद पर बने रहने का आग्रह किया. सभा में सर्व समिति से पुनः राजकुमार अग्रवाल प्रादेशिक गौशाला संघ के अध्यक्ष चुने गए. बैठक में गो सेवा आयोग के अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद,उपाध्यक्ष राजू गिरी, संगठन मंत्री कर्मवीर सिंह, संघ के अध्यक्ष राज कुमार अग्रवाल, महासचिव अनिल मोदी, राजकुमार शाह, तारा चंद जैन, रामाकांत गुप्ता, शत्रुघन लाल गुप्ता, प्रमोद सारस्वत, ड. शालिनी, पुनीत पोद्दार, बसंत मित्तल, पूर्व राज्यसभा सांसद अजय मारू, सुरेश संथोलिया, कन्नू अग्रवाल, प्रदीप राजगढ़िया, भानु प्रकाश जालान, मुरलीधर अग्रवाल, मनीष लोधा, अमित चौधरी, बजरंग लाल समेत प्रदेश भर से विभिन्न गौशालाओं के संचालक, पदाधिकारी एवं गौ सेवा से जुड़े अनुभवी विशेषज्ञ शामिल थे.
● उपायुक्तों से मांगी गई है गोचर भूमि की जानकारी
गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि प्रयास हो रहा है कि राज्य की सभी गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाया जाए. गोचर भूमि की जानकारी के लिए राज्य के सभी उपायुक्त से जानकारी मांगी गई है. कहा कि “हमारी गौ माता हमारा दायित्व” का कार्यक्रम हर जिलों में आयोजन करें और सभी गोभक्तों को आमंत्रित करें.
● गायों के लिए गोचर भूमि की व्यवस्था हो
गौ सेवा विशेषज्ञ कर्मवीर ने कहा कि राज्य के गौशालाओं में गाय के गोबर से कई सामग्री बनाने का कार्य हो रहा है. इन सामग्रियों का उत्पादन और बाजार देने की आवश्यकता है. गायों के लिए गोचर भूमि की व्यवस्था की जाए. कम जगह वाले गौशालाओं को गोचर भूमि उपलब्ध कराया जाए. गोचर भूमि को भी मुक्त कराने की दिशा में कार्य होना चाहिए.
● सभी गौशालाओं को बनाएंगे आत्मनिर्भर
गो सेवा आयोग के उपाध्यक्ष राजू गिरी ने कहा कि गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में हर संभव प्रयास किया जा रहा है. खास तौर पर छोटे गौशालाओ को आत्मनिर्भर बनाने की
पहल की जा रही है.
● गौ माता को मिले राष्ट्रमाता का दर्जा
उपाध्यक्ष ताराचंद जैन ने कहा कि राज्य में गायों की तस्करी बंद नहीं हुई है ओर 2006 से गौ हत्या का अधिनियम लागू हुआ लेकिन इसका झारखंड में कड़ाई से पालन नहीं हो रहा है. उन्होंने गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने की बात कही.
● राज्य की 26 गौशालाओं को मिली 2.87 करोड़ की राशि
ध्यान फाउंडेशन गोधाम चाकुलिया गोशाला को 2 करोड़ की राशि दी गयी.
गोशाला कतरास व जमशेदपुर को 10 लाख रुपये की राशि, रांची, चाईबासा, पिंजरापोल चाकुलिया, हजारीबाग, देवघर, पाकुड़, गिरिडीह, झरिया, कोडरमा गोशाला को 5-5 लाख का अनुदान दिया गया. वही जामताड़ा, दुमका, मधुपुर, चक्रधरपुर, धनबाद, सिमडेगा, रामगढ़, बोकारो, चंदवा, मेदनीपुर गोशाला को 2-2 लाख की अनुदान की राशि दी गयी. बैठक में राज्य के 26 विभिन्न गौशालाओं के बीच दो करोड़ 87 लाख रुपये का वितरण संघ के द्वारा किया गया.
