जमशेदपुर और आसपास के इलाकों में लगातार लेट चल रही ट्रेनों को लेकर अब यात्रियों का गुस्सा खुलकर सामने आने लगा है। रेलवे की लापरवाही और घंटों की देरी से परेशान लोगों ने आंदोलन का दायरा और बड़ा करने का ऐलान कर दिया है। रेल यात्री संघर्ष समिति ने साफ कहा है कि उनका उद्देश्य किसी तरह का हंगामा करना नहीं, बल्कि आम यात्रियों की आवाज़ को मजबूती से उठाना है।
समिति के सदस्यों का कहना है कि रोजाना हजारों लोग नौकरी, पढ़ाई, इलाज और जरूरी कामों के लिए ट्रेनों पर निर्भर हैं, लेकिन लगातार देरी से उनकी जिंदगी बुरी तरह प्रभावित हो रही है। कई यात्रियों को रातभर स्टेशन पर इंतजार करना पड़ता है, तो कई लोग अपने जरूरी काम और इंटरव्यू तक मिस कर रहे हैं।
आंदोलन से जुड़े लोगों ने कहा कि रेलवे अधिकारियों को कई बार शिकायतें दी गईं, लेकिन स्थिति में कोई बड़ा सुधार नहीं हुआ। अब लोगों का धैर्य जवाब देने लगा है। संघर्ष समिति ने कहा कि यह आंदोलन सिर्फ जमशेदपुर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि दूसरे इलाकों के यात्री भी इसमें शामिल हो रहे हैं।
यात्रियों ने यह भी आरोप लगाया कि कई बार ट्रेनों की सही जानकारी समय पर नहीं दी जाती, जिससे प्लेटफॉर्म पर अफरा-तफरी का माहौल बन जाता है। समिति ने रेलवे से मांग की है कि ट्रेन संचालन को बेहतर बनाया जाए और यात्रियों को सही समय पर स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराई जाए।
रेल यात्री संघर्ष समिति का कहना है कि अगर जल्द समाधान नहीं निकला, तो आने वाले दिनों में आंदोलन और बड़ा रूप ले सकता है। फिलहाल यात्रियों की एक ही मांग है — “समय पर ट्रेन और यात्रियों के प्रति जिम्मेदारी।”