Arka-Jain-University-Holi-2026 : आरका जैन विश्वविद्यालय में धूमधाम से मना ‘होली इन्वेजन वॉल्यूम 12’, ‘होली खेले रघुवीरा अवध में…’ समेत फगुआ गीतों से गूंजा कैम्पस
Jamshedpur/Jharkhand : रंगों के पावन पर्व होली के उपलक्ष्य में आरका जैन विश्वविद्यालय परिसर में ‘होली इन्वेजन वॉल्यूम 12’ का भव्य आयोजन बड़े उत्साह और उल्लास के साथ किया गया। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी विश्वविद्यालय को भगवान कृष्ण की वृहद भूमि की तरह आकर्षक ढंग से सजाया गया, जिससे पूरा परिसर होलियाना हो उठा।

कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत विश्वविद्यालय मैनेजमेंट बोर्ड के चेयरमैन प्रो. (डॉ.) एस.एस. रजी, निदेशक सह कुलसचिव डॉ. अमित कुमार श्रीवास्तव, प्रतिकुलपति प्रो. (डॉ.) अंगद तिवारी एवं उप कुलसचिव डॉ. जसबीर धंजल द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलन कर की गई।

अपने संबोधन में चेयरमैन प्रो. (डॉ.) एस.एस. रजी ने होली के सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए आपसी प्रेम, सौहार्द और भाईचारे का संदेश दिया। निदेशक सह कुलसचिव डॉ. अमित कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि होली बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है और हमें इसके मूल संदेश को अपने जीवन में आत्मसात करना चाहिए।

प्रतिकुलपति प्रो. (डॉ.) अंगद तिवारी ने होली की पौराणिक कथा का उल्लेख करते हुए युवाओं से सामाजिक भेदभाव, वैमनस्यता और जाति-धर्म जैसी कुरीतियों को दूर करने के लिए आगे आने का आह्वान किया। उप कुलसचिव डॉ. जसबीर धंजल ने भी होली के संदेश की आज के समय में प्रासंगिकता पर बल दिया।

सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं ने पारंपरिक एवं फिल्मी होली गीतों, नृत्यों और नाट्य प्रस्तुतियों से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। “होली खेले रघुवीरा अवध में…” जैसे लोकप्रिय फगुआ गीतों से पूरा परिसर गूंज उठा। छात्रों, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं प्रबंधन सदस्यों ने बिना किसी भेदभाव के एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर एकता और सद्भाव का संदेश दिया।

उत्सव के अवसर पर पूड़ी, पुलाव, दाल, विभिन्न सब्जियां, दही वड़ा, मालपुआ, जलेबी, टिक्की, पकौड़े, मंचूरियन, ठंडाई और आइसक्रीम सहित अनेक पारंपरिक व्यंजन परोसे गए, जिनका सभी ने आनंद उठाया।कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं की टोलियां कहीं नृत्य करती, कहीं गीत गाती और कहीं सेल्फी लेते नजर आईं। पूरे परिसर में रंगों की सतरंगी छटा बिखरी रही और उल्लास का वातावरण बना रहा।
‘होली इन्वेजन वॉल्यूम 12’ ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि आरका जैन विश्वविद्यालय न केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता का केंद्र है, बल्कि सांस्कृतिक एकता, सामाजिक समरसता और भारतीय परंपराओं के संरक्षण में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
