भारतीय टीम ने प्राप्त की माउंट किलिमंजारो पर विजय
पद्मश्री प्रेमलता अग्रवाल ने किया नेतृत्व, टीम में शहर की दीप्ति खेमानी भी शामिल
जमशेदपुर : भारत के पांच महिला और दो पुरुष पर्वतारोहियों की टीम ने अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी माउंट किलिमंजारो पर सफलतापूर्वक विजय प्राप्त की. इस ऐतिहासिक अभियान का नेतृत्व पर्वतारोही पद्मश्री प्रेमलता अग्रवाल ने किया. टीम के सदस्य देश के विभिन्न हिस्सों से थे, जिनमें शहर की दीप्ति ख़ेमानी भी शामिल थीं. इस उपलब्धि ने भारतीय पर्वतारोहण के गौरव को एक नई ऊंचाई प्रदान की है.
वापसी यात्रा के दौरान दल को अप्रत्याशित चुनौती का सामना करना पड़ा. ईरान में युद्ध छिडऩे के कारण मध्य-पूर्व से होकर जानेवाली उड़ानें रद्द कर दी गईं. इस कठिन परिस्थितियों में भी दल ने साहस और धैर्य का परिचय देते हुए इथियोपिया के रास्ते से सुरक्षित वापसी की.
इस संबंध में प्रेमलता अग्रवाल ने बताया कि आठ दिनों की इस कठिन यात्रा में लगातार बारिश और बर्फबारी का सामना करना पड़ा. इसके बावजूद हमारी टीम उत्साह और दृढ़ संकल्प से भरी रही और अंतत: हमने सफलतापूर्वक शिखर पर विजय प्राप्त की.
टीम ने 27 फरवरी 2026 को सुबह 7.45 बजे समुद्र तल से 5,895 मीटर की ऊंचाई पर स्थित उहुरू पीक पर पहुंचकर माउंट किलिमंजारो की चोटी को छुआ. इस उपलब्धि के लिए दीप्ति को तंजानिया नेशनल पार्क्स की ओर से उन्हें आधिकारिक पर्वतारोहण प्रमाणपत्र भी जारी किया गया है. इस उपलब्धि को हासिल करने पर शहरवासी और साहसिक खेलों के शौकीनों ने दीप्ति की सराहना की है. दीप्ति ने कहा कि उनके पति प्रकाश खेमानी (व्यवसायी) के अलावा पुत्र ओजस्वी, बहू ईवा और बेटी विदुषी हमेशा उनका साथ देते रहे हैं. उन्होंने हमेशा मुझे होममेकर होने के अलावा एडवेंचर करने के लिए मोटिवेट किया.
