बंद रहे 150 से अधिक बैंक शाखा, 600 करोड़ का लेनदेन प्रभावित
सेंट्रल ट्रेड यूनियन की हड़ताल, केन्द्र सरकार के खिलाफ कर्मियों की जमकर नारेबाजी
जमशेदपुर : पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार सेंट्रल ट्रेड यूनियन के संयुक्त मोर्चा द्वारा पूरे देश में हड़ताल की गई. इसी क्रम में जमशेदपुर के केंद्रीय ट्रेड यूनियन के संयुक्त मोर्चा द्वारा भी हड़ताल रही. इसकी शुरुआत केंद्रीय ट्रेड यूनियन के सदस्यों ने बिष्टुपुर स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, मुख्य शाखा के गेट पर पीकेटिंग से की. वहां के कर्मचारी यूनियन ‘एनसीबीई’ को हड़ताल का समर्थन था. स्टेट बैंक गेट पर सुबह 9 बजे से केंद्रीय ट्रेड यूनियन के लोग नारेबाजी और पर्चा का वितरण करते रहे. इसी बीच बैंक प्रशासन द्वारा पुलिस को सूचना दिये जाने से वहां पुलिस के साथ केंद्रीय ट्रेड यूनियन के साथियों ने बातचीत की और उन्हें बताया कि आज पूरे देश में श्रमिकों की हड़ताल है और इसी क्रम में वे स्टेट बैंक के समक्ष अपना प्रदर्शन और कर्मचारियों से हड़ताल में शामिल होने की अपील कर रहे हैं.
स्टेट बैंक के समक्ष केंद्रीय ट्रेड यूनियन के साथी 11 बजे तक गेट जाम कर मौजूद रहे.
इसके बाद केंद्रीय ट्रेड यूनियन एटक, सीटू, शिक्षक संघ, बैंक कर्मचारी यूनियन, एलआईसी कर्मचारी संगठन, सीमेंट कामगार यूनियन, टाटा पावर मजदूर यूनियन, बिहार झारखंड सेल्स रिप्रेजेंटेटिव यूनियन, राजपत्रित कर्मचारी यूनियन, बीएसएसआर के नेता और सदस्य सैकड़ो की संख्या में जुबिली पार्क गेट के समक्ष इक_ा हुए. उपस्थित मजदूर लगातार केंद्र सरकार, चार लेबर कोर्ट, बैंक, एलआईसी, जीआईसी, रेलवे, डिफेंस में निजीकरण, एलआईसी में 100 प्रतिशत एफडीआई के खिलाफ, माइंस को निजी हाथों में देने के खिलाफ महंगाई बेरोजगारी के खिलाफ, दैनिक वेतन में वृद्धि की मांग, सरकारी संस्थाओं बैंक, एलआईसी, जीआईसी, सरकारी कार्यालयों में खाली पदों को भरने की मांग पर लगातार नारेबाजी होती रही. शहर के सभी सरकारी बैंक, एलआईसी, जीआईसी में संपूर्ण हड़ताल रहा. बैंकों में हड़ताल से लगभग 5 से 6 सौ करोड़ का कार्य प्रभावित हुआ. लगभग 150 शाखा बंद रहे.
हड़ताल को एटक के अंबुज ठाकुर, हीरा अरकने, सीटू के विश्वजीत देब, संजय कुमार, अराजपत्रित कर्मचारी यूनियन के सुभाष यादव, शर्मिला ठाकुर, बीएसएसआर के पीयूष गुप्ता, झारखंड मजदूर यूनियन की पिंकी सिंह, एलआईसी के गिरीश ओझा एवं सेंट्रल ट्रेड यूनियन के विभिन्न नेताओं से संबोधित किया. इस दौरान हजारों की संख्या में मजदूर और कर्मचारी शामिल हुए.
