पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद अब बुलडोजर कार्रवाई राज्य की राजनीति का सबसे बड़ा मुद्दा बनती जा रही है। बीजेपी सरकार बनने के बाद अवैध निर्माणों के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत अब आसनसोल के बर्नपुर इलाके में तृणमूल कांग्रेस के एक और पार्टी कार्यालय पर बुलडोजर चला दिया गया। इस कार्रवाई के बाद इलाके में राजनीतिक हलचल और आरोप-प्रत्यारोप दोनों तेज हो गए हैं।
बताया जा रहा है कि बर्नपुर रेलवे स्टेशन के पास स्थित टीएमसी पार्षद अशोक रुद्र का पार्टी कार्यालय SAIL-ISP की जमीन पर बना हुआ था। शनिवार को स्थानीय प्रशासन, SAIL अधिकारियों और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में पूरे दफ्तर को ध्वस्त कर दिया गया। खास बात यह है कि पिछले कुछ दिनों में बर्नपुर इलाके में यह चौथा टीएमसी कार्यालय है जिस पर बुलडोजर कार्रवाई हुई है।
कार्रवाई के दौरान पूरे इलाके में तनावपूर्ण माहौल देखने को मिला। प्रशासन ने सुरक्षा को देखते हुए भारी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की थी ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना न हो। स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई और लोग पूरे घटनाक्रम को मोबाइल कैमरों में रिकॉर्ड करते नजर आए।
इस कार्रवाई के बाद तृणमूल कांग्रेस ने बीजेपी सरकार पर “टारगेट पॉलिटिक्स” का आरोप लगाया है। टीएमसी नेताओं का कहना है कि विपक्षी दलों के दफ्तरों और नेताओं को चुन-चुनकर निशाना बनाया जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ SAIL प्रबंधन ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि संबंधित लोगों को पहले कई बार नोटिस दिया गया था, लेकिन अवैध कब्जा नहीं हटाया गया। इसके बाद मजबूरन प्रशासन को बुलडोजर कार्रवाई करनी पड़ी।
अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान किसी राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं, बल्कि अवैध अतिक्रमण हटाने और विकास परियोजनाओं के लिए जमीन खाली कराने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में भी ऐसी कार्रवाई जारी रह सकती है।
राजनीतिक जानकार मान रहे हैं कि बंगाल में बुलडोजर अब सिर्फ प्रशासनिक कार्रवाई नहीं, बल्कि एक बड़ा राजनीतिक प्रतीक बन चुका है। ऐसे में आने वाले समय में इस मुद्दे पर राज्य की राजनीति और भी गर्माने की संभावना दिखाई दे रही है।