February 13, 2026

ब्रह्माकुमारीज निकालेगी 12 ज्योतिर्लिंग की रथ व कलश यात्रा

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शिवरात्रि पर 14 को शहर में पहली बार आयोजन, बाराद्वारी से शुरु होकर सिदगोड़ा में होगी संपन्न

जमशेदपुर : प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा लौहनगरी में पहली बार महाशिवरात्रि के उपलक्ष में 12 ज्योतिर्लिंग की रथयात्रा का आयोजन आगामी 14 फरवरी को प्रात: 8 से संध्या 7 बजे तक आयोजन किया जाएगा. उक्त जानकारी बाराद्वारी केन्द्र की संचालिका सुधा बहन ने दी. उन्होंने बताया कि पूरे भारतवर्ष में स्थापित भगवान शिव की 12 ज्योतिर्लिंग को एक रथ के स्वरूप में पहली बार शहर भ्रमण कराया जाएगा. यह यात्रा प्रात: 8 बजे बाराद्वारी सेवा केंद्र से शुरु होकर सिदगोड़ा सेवा केंद्र पर संध्या 7 बजे समाप्त होगी. उन्होंने शहर वासियों से निवेदन किया कि भगवान शिव की इस 12 ज्योतिर्लिंग रथयात्रा का दर्शन का लाभ अवश्य लें.
बताया कि उक्त मौके पर बतौर अतिथि विधायक पूर्णिमा साहू, पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी, भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अमरप्रीत सिंह काले, भाजपा महानगर अध्यक्ष संजीव सिन्हा, भाजपा नेता दिनेश कुमार, राज्य गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष राजू गिरी, पत्रकार संजय मिश्रा, न्यू इस्पात मेल के संपादक बृजभूषण सिंह आदि शामिल होंगे. यात्रा के दौरान कई स्थानों पर श्रद्धालुओं द्वारा भव्य अभिनंदन भी किया जाएगा. पत्रकार सम्मेलन में अरुण भाई, निवेदिता बहन, माधवी बहन, मीणा बहन, सावित्री बहन, संजू बहन आदि भी मौजूद थीं.

कदमा में आलौकिक झांकी के साथ शोभायात्रा

ब्रह्माकुमारीज कदमा केंद्र द्वारा शिव जयंती पर आलौकिक झांकी के साथ शोभायात्रा सह कलश यात्रा निकाली गई. यह यात्रा कदमा क्षेत्र के प्रमुख स्थानों से गुजरते हुए शिवरात्रि के आध्यात्मिक रहस्य को उजागर करने के साथ-साथ वर्तमान समय में आध्यात्मिकता के महत्व और राजयोग सीखने की प्रेरणा प्रदान करती रही.
ब्रह्माकुमारीज़ कदमा केंद्र प्रभारी संजू दीदी के नेतृत्व में काफी संख्या में ब्रह्माकुमारीज़ के भाई बहन उत्साह के साथ यात्रा में शामिल हुए. वे ‘शिव संदेश’ देते हुए शहरवासियों को आध्यात्मिक जागरण के साथ जोड़ा. झांकी में शिव बाबा के दिव्य रूप, राजयोग की शिक्षा और आत्मिक शुद्धिकरण के प्रतीकात्मक दृश्यों को जीवंत रूप से प्रदर्शित किया गया. उक्त यात्रा कदमा बाजार, मुख्य चौराहा, स्कूलों और आवासीय क्षेत्रों से होकर गुजरी, जहां हजारों लोगों ने इसे उत्साहपूर्वक देखा और सराहा.