CBSE परीक्षा परिणाम को लेकर देशभर में बढ़ते विवाद के बीच कांग्रेस नेता Rahul Gandhi ने केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने परीक्षा परिणामों में कथित गड़बड़ी और डिजिटल मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया है।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए दावा किया कि जिस COEMPT कंपनी को CBSE परीक्षा प्रक्रिया की जिम्मेदारी दी गई, उसका पुराना रिकॉर्ड विवादों से भरा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यही कंपनी पहले Globarena नाम से तेलंगाना में भी रिजल्ट और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े विवादों में घिर चुकी थी। इसके बावजूद इतनी बड़ी जिम्मेदारी दोबारा कैसे दे दी गई, इस पर उन्होंने सरकार से जवाब मांगा।
उन्होंने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री Narendra Modi पर निशाना साधते हुए कहा कि छात्रों और अभिभावकों की चिंताओं पर सरकार चुप है। राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि आखिर COEMPT को ठेका किसके कहने पर दिया गया और क्या इस प्रक्रिया में नियमों को नजरअंदाज किया गया।
कांग्रेस नेता ने इस पूरे मामले को केवल “प्रशासनिक लापरवाही” नहीं बल्कि “सोचा-समझा षड्यंत्र” बताया। उन्होंने स्वतंत्र न्यायिक जांच और SIT गठन की मांग भी की, ताकि यह पता लगाया जा सके कि परीक्षा मूल्यांकन प्रक्रिया में वास्तव में क्या हुआ।
इधर, सोशल मीडिया पर भी छात्रों और अभिभावकों का गुस्सा देखने को मिल रहा है। कई लोग रिजल्ट में नंबरों की असमानता और मूल्यांकन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठा रहे हैं। NEET पेपर लीक विवाद के बाद अब CBSE रिजल्ट विवाद ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
हालांकि CBSE और केंद्र सरकार की ओर से अभी तक इन आरोपों पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि देश की सबसे बड़ी बोर्ड परीक्षाओं में पारदर्शिता और भरोसा बनाए रखना बेहद जरूरी है, क्योंकि इसका सीधा असर करोड़ों छात्रों के भविष्य पर पड़ता है।
अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि सरकार और CBSE इस विवाद पर क्या कदम उठाते हैं और क्या वाकई इस मामले में किसी बड़े जांच की शुरुआत होगी।