June 10, 2026

CID Reaches TMC Kalighat office:फर्जी दस्तखत केस में बढ़ी अभिषेक बनर्जी की मुश्किलें, ममता बनर्जी के कालीघाट आवास पहुंची बंगाल CID की टीम!

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सर्च न्यूज: सच के साथ: पश्चिम बंगाल में 9 जून 2026 को सीआईडी (CID) की एक विशेष टीम टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी को नोटिस देने के लिए उनके कालीघाट स्थित आवास पर पहुंची। यह टीम पश्चिम बंगाल विधानसभा में हुए कथित विधायकों के फर्जी हस्ताक्षर (signature forgery) मामले की जांच के सिलसिले में पहुंची थी।

तीसरा नोटिस और समय सीमा: राज्य की जांच एजेंसी सीआईडी ने अभिषेक बनर्जी को यह तीसरा समन जारी किया है। अधिकारियों ने उन्हें मंगलवार, 9 जून 2026 को शाम 5 बजे तक कोलकाता स्थित भवानी भवन (सीआईडी मुख्यालय) में जांचकर्ताओं के सामने पेश होने का निर्देश दिया है। इससे पहले वे दो बार पूछताछ के लिए उपस्थित नहीं हुए थे, जिसके बाद यह 24 घंटे की समय सीमा वाला सख्त नोटिस जारी किया गया।

मामले की पृष्ठभूमि: यह पूरा मामला पश्चिम बंगाल विधानसभा में जमा किए गए एक पत्र से जुड़ा है, जिसमें कथित तौर पर कई टीएमसी विधायकों के हस्ताक्षरों में विसंगतियां पाई गई थीं। विधानसभा सचिव की शिकायत के बाद हरे स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जिसे बाद में सीआईडी को सौंप दिया गया। जांचकर्ताओं के अनुसार, इस मामले की पूरी सच्चाई उजागर करने के लिए डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी का बयान बेहद महत्वपूर्ण है।

अभिषेक बनर्जी का रुख: अभिषेक बनर्जी ने इन नोटिसों के पीछे राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप लगाया है। उन्होंने सीआईडी को पत्र लिखकर और समय मांगा था, जिसमें उन्होंने दिल्ली में अपनी व्यस्तताओं और कलकत्ता उच्च न्यायालय में लंबित सुनवाई का हवाला दिया था। हालांकि, सीआईडी ने उनकी समय बढ़ाने की अपील को खारिज कर दिया और जांच में सहयोग न करने पर कड़ी चेतावनी दी है।

राजनीतिक हलचल: सीआईडी की टीम जब कालीघाट पहुंची, तब ममता बनर्जी वहां मौजूद नहीं थीं। अधिकारियों ने करीब एक घंटे तक इंतजार करने के बाद सफलतापूर्वक नोटिस तामील किया, जिसकी वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई। इस घटना ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नया मोड़ ला दिया है, जहाँ टीएमसी इसे केंद्र के दबाव की राजनीति बता रही है, वहीं जांच एजेंसियां कानूनी प्रक्रिया का पालन करने का दावा कर रही हैं।