March 7, 2026

दक्षिण के दो राज्यों में बच्चों के सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर ‘बैन’

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नई दिल्ली : दक्षिण भारत में बच्चों की मेंटल हेल्थ दुरुस्त रखने के लिए बड़ा अहम फैसला हुआ है. साउथ के दो राज्यों में एक निर्धारित उम्र से कम के बच्चों के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने का ऐलान हुआ है. आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू और कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अपने भाषण के दौरान कहा, बच्चों की मानसिक सेहत, सीखने की क्षमता और डिजिटल लत को देखते हुए कड़े नियम अब जरूरी हो गए हैं. उनका मानना है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और अनियंत्रित स्क्रीन टाइम बच्चों के व्यवहार, ध्यान क्षमता और सुरक्षा पर गंभीर असर डाल रहे हैं. इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल को प्रतिबंधित किया जाता है.
आपको बताते चलें कि सोशल मीडिया के साइड इफेक्ट्स से बच्चों को दूर रखने के लिए दुनियाभर के कई शहरों में बच्चों के सोशल मीडिया यूज पर पहले से प्रतिबंध हैं. अब आंध्र और कर्नाटक में जो राज्य इन प्रतिबंधों को पहले लागू करेगा, वो ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य बन जाएगा. अमेरिका के टेक्सास और अर्कांसस समेत कई राज्यों ने ऐसे कानून बनाए हैं, जिनमें टीनएजर्स को सोशल मीडिया अकाउंट रखने या बनाने के लिए अपने पैरैंट्स की मंजूरी लेना जरूरी है. अमेरिका के हर राज्य ने अपने-अपने अनुसार बच्चों की उम्र का क्राइटेरिया बनाया है. ये कहीं 16 साल तो कहीं 18 साल रखे गए हैं. इसी तरह यूरोप के देशों ने भी बच्चों की एज लिमिट तय कर रखी है.

● आंध्र प्रदेश में क्या हैं नियम?

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने बहुत जल्द 13 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने के प्रस्ताव को लागू करने की घोषणा की है. आंध्र प्रदेश विधानसभा में बोलते हुए, मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि सरकार 13 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए सोशल मीडिया के उपयोग को प्रतिबंधित करने के उपायों पर विचार कर रही था. वहीं आईटी मंत्री नारा लोकेश द्वारा सुझाए प्रस्ताव का जिक्र करते हुए सीएम नायडू ने कहा कि सरकार तीन महीने के भीतर राज्य में 13 साल से कम उम्र के बच्चों को सोशल मीडिया के उपयोग से रोकने के लिए कार्यक्रम शुरू करेगी.

● नियमों पर मंथन जारी

सीएम नायडू ने कहा कि सरकार 13-16 आयु वर्ग के लिए संभावित नियमों पर भी चर्चा कर रही है और व्यापक सहमति के आधार पर निर्णय लेगी. सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि बच्चों पर सोशल मीडिया का नकारात्मक प्रभाव न पड़े इसलिए बच्चों की भलाई और उनकी सुरक्षा के लिए कारगर कदम उठाए जाएंगे. हाल ही में वाइस चांसलर के साथ एक मीटिंग में सीएम सिद्धारमैया ने 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए मोबाइल फोन पर बैन लगाने पर उनकी राय मांगी थी. इससे पहले स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडू राव और आईटी मंत्री प्रियांक खरगे ने भी इसी तरह की बात कही थी. जिसके बाद मुख्यमंत्री ने अपनी योजना का ऐलान कर दिया है.