दुःखद ! अस्पताल आनेवाले भी नशा करने से नही हिचकते
एमजीएम परिसर को नशामुक्त करने का अभियान, जब्त किया 3 क्विंटल नशीला वस्तु
जमशेदपुर : कोल्हान के सबसे बड़े अस्पताल महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) कैंपस को नशा मुक्त करने के लिए अस्पताल प्रबंधन इन दिनों काफी सक्रिय है. इसके लिए वहां सुरक्षा के लिए तैनात होमगार्ड के जवानों को खास ड्यूटी सौंपी गई है और वे लगातार कार्रवाई भी कर रहे हैं. नशा लोगों के सिर चढ़कर बोल रहा है, इसका अंदाज़ा आप इस बात से लगा सकते हैं कि महज 10 दिनों के अंदर अस्पताल आनेवाले लोगों से गुटका, खैनी, तंबाकू समेत कई नशा के सामान भारी मात्रा में जब्त किए गए हैं. एमजीएम अस्पताल में होमगार्ड जवानों द्वारा विशेष चौकसी बरतते हुए 3 क्विंटल गुटका और बीड़ी, तंबाकू जप्त किया है.
पूरे अस्पताल में लगातार नशा के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है, मरीज के परिजनों द्वारा अस्पताल कैंपस में नशा कर अस्पताल कैंपस को गंदा किया जा रहा था. इसके बाद एमजीएम अस्पताल प्रबंधन द्वारा इस अभियान की शुरुआत की गई, और पूरे अस्पताल कैंपस को नशा मुक्त करने के लिए होमगार्ड जवानों को यह निर्देश दिया गया. मरीज और उनके परिजनों से अबतक तीन क्विंटल गुटका, बीड़ी, तंबाकू बरामद किया गया है. वही अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि तंबाकू खाकर थूकने पर जुर्माना भी लगाया जाएगा. होमगार्ड के जवानों ने पूरे एमजीएम अस्पताल कैंपस को नशा मुक्त करने के लिए संकल्प लिया है.
इतनी भारी मात्रा में नशीले पदार्थ जब्त होने से यह सोचना लाज़मी है कि इसके सेवन से होनेवाले हानि की जानकारी होने के बावजूद लोगों को डर क्यों नही लगता है? क्या वैसे लोगों को इस बात की रत्ती भर परवाह नही है कि जहां आने पर (अस्पताल) लोग भगवान से सिर्फ ज़िंदगी की दुआ मांगते हैं, वैसे स्थाज़न पर नशा कर आने से अपने साथ साथ वे लोग दूसरे की ज़िंदगी भी खतरे में डाल रहे हैं?
