March 24, 2026

HEC Land Scam Ranchi : झारखंड हाई कोर्ट का पुलिस पर कड़ा प्रहार, एसएसपी से पूछा- “जमानत खारिज हो गई, तो आरोपी अब तक बाहर क्यों है?” | Jharkhand High Court

HEC Land Scam Ranchi

झारखंड हाई कोर्ट का पुलिस पर कड़ा प्रहार, एसएसपी से पूछा- "जमानत खारिज हो गई, तो आरोपी अब तक बाहर क्यों है?" | Jharkhand High Court

Ranchi/Jharkhand : झारखंड उच्च न्यायालय ने हेवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन (HEC) की जमीन दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी के मामले में पुलिस की सुस्त कार्यप्रणाली पर गहरी नाराजगी जताई है। सोमवार को आरोपी प्रसन्नजीत पंडा की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) से सीधा जवाब तलब किया। अदालत ने स्पष्ट रूप से पूछा कि अदालती आदेशों के बावजूद आरोपी की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने में देरी क्यों हो रही है।

एसएसपी राकेश रंजन अदालत में हुए सशरीर हाजिर

अदालत के पिछले निर्देशों के अनुपालन में रांची के एसएसपी राकेश रंजन सोमवार को स्वयं अदालत के समक्ष उपस्थित हुए। सुनवाई के दौरान खंडपीठ ने इस बात पर गंभीर सवाल उठाए कि जब प्रसन्नजीत पंडा की अग्रिम जमानत याचिका उच्च न्यायालय और देश की सर्वोच्च अदालत (सुप्रीम कोर्ट) से पहले ही खारिज की जा चुकी है, तो पुलिस प्रशासन अब तक उसे गिरफ्तार करने में विफल क्यों रहा है। अदालत ने इसे कानून की प्रक्रिया का उल्लंघन मानते हुए एसएसपी को 23 मार्च को संबंधित दस्तावेजों के साथ तलब किया था, जिस पर पुलिस विभाग ने अपनी कार्रवाई का ब्योरा पेश किया।

आरोपी के बैंक खाते में जमा हुई थी ठगी की रकम

सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने अदालत को सूचित किया कि आरोपी प्रसन्नजीत पंडा जल्द ही निचली अदालत में आत्मसमर्पण (Surrender) करने की योजना बना रहा है। उल्लेख है कि पंडा के बैंक खाते में एचईसी जमीन सौदे से जुड़ी ठगी की बड़ी राशि जमा होने के पुख्ता प्रमाण मिले थे, जिसके आधार पर उन्हें इस घोटाले में सह-आरोपी बनाया गया है।

एचईसी के महाप्रबंधक हैं मुख्य आरोपी

इस पूरे जमीन घोटाले के सूत्रधार एचईसी के महाप्रबंधक (GM) प्रमोद कुमार बेहरा बताए जा रहे हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने एचईसी क्षेत्र में जमीन दिलाने का झांसा देकर तीन अलग-अलग व्यक्तियों से सवा करोड़ रुपये से अधिक की राशि ऐंठ ली। इस सिलसिले में सामेंद्र मंडल की शिकायत पर रांची के धुर्वा थाना में कांड संख्या 38/2025 दर्ज की गई है। इस प्राथमिकी में प्रमोद कुमार बेहरा के साथ-साथ मोनालिया बेहरा, प्रतीमा बेहरा और प्रसन्नजीत पंडा को नामजद किया गया है।

पुलिस की कार्यशैली पर न्यायिक टिप्पणी

हाई कोर्ट की इस सख्ती के बाद अब रांची पुलिस पर दबाव बढ़ गया है। अदालत ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि आर्थिक अपराधों और भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। फिलहाल धुर्वा पुलिस मामले के अन्य कड़ियों को जोड़ने में जुटी है, वहीं हाई कोर्ट ने पुलिस को अपनी जांच और गिरफ्तारी की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया है।