June 10, 2026

India’s Crime Rate falls 6%: देश में पारंपरिक अपराधों में आई कमी, 1 लाख के पार पहुंचे साइबर क्राइम के मामले: SBI रिपोर्ट

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सर्च न्यूज: सच के साथ: स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की हालिया रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार, भारत के अपराध परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण बदलाव देखा गया है। 2026 की इस रिपोर्ट के मुख्य अंश निम्नलिखित चार पैराग्राफों में विस्तृत हैं:

भारत में साल 2024 के दौरान कुल संज्ञेय (cognizable) अपराधों में 6% की गिरावट दर्ज की गई है। आंकड़ों के अनुसार, देश में कुल अपराधों की संख्या 2023 के 62.4 लाख से घटकर 58.86 लाख रह गई है। इसके साथ ही राष्ट्रीय अपराध दर भी प्रति लाख जनसंख्या पर 448.3 से गिरकर 418.9 हो गई है।पारंपरिक अपराधों में इस कमी का मुख्य श्रेय सार्वजनिक निवेश, डिजिटलीकरण और उन्नत सीसीटीवी निगरानी प्रणालियों को दिया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, 100 स्मार्ट शहरों में एकीकृत कमांड और कंट्रोल सेंटर और 84,000 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की स्थापना ने अपराधों को रोकने और अपराधियों को पकड़ने की संभावना को बढ़ा दिया है। यूपीआई (UPI) और फास्टैग (FASTag) जैसे डिजिटल टूल्स ने भी कानून प्रवर्तन को मजबूत किया है।

हालांकि, पारंपरिक अपराधों में कमी के विपरीत साइबर अपराध (Cybercrime) के मामले तेजी से बढ़े हैं और अब यह 1 लाख के आंकड़े को पार कर गए हैं। 2024 में दर्ज किए गए साइबर अपराधों में धोखाधड़ी (fraud) सबसे बड़ा कारण रहा, जो कुल मामलों का लगभग 73% था। इसके अलावा वित्तीय साइबर धोखाधड़ी के कारण पिछले पांच वर्षों में देश को ₹52,000 करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ है।महिलाओं की सुरक्षा के मोर्चे पर रिपोर्ट में सकारात्मक संकेत मिले हैं, जहां महिलाओं के खिलाफ अपराधों में 1.5% की गिरावट देखी गई है। 2023 में दर्ज 4.48 लाख मामलों की तुलना में 2024 में यह संख्या घटकर 4.41 लाख रह गई है। रिपोर्ट निष्कर्ष निकालती है कि अपराध दर में कमी न केवल सार्वजनिक सुरक्षा बढ़ाती है, बल्कि सुरक्षा और लेनदेन लागत को कम करके वास्तविक जीडीपी विकास में भी योगदान देती है।