Environmental Alarm in Jamshedpur : धातकीडीह तालाब में मौसतह पर तैरती मिलीं क्विंटल भर मरी हुई मछलियां, दहशत
Jamshedpur News
Jamshedpur : लौहनगरी के बिष्टुपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत धातकीडीह तालाब में गुरुवार की सुबह सनसनी फैल गई। तालाब के पानी में अचानक सैकड़ों की संख्या में बड़ी मछलियां मृत पाई गईं। सुबह-सुबह जब स्थानीय लोग तालाब किनारे पहुंचे, तो उन्होंने पानी की सतह पर सफेद चादर की तरह बिछी मरी हुई मछलियों को देखा। देखते ही देखते यह खबर पूरे इलाके में आग की तरह फैल गई और मौके पर लोगों का भारी हुजूम उमड़ पड़ा।
5 से 8 किलो वजनी मछलियों ने तोड़ा दम
हैरानी की बात यह है कि मरने वाली मछलियों का आकार काफी बड़ा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मृत मछलियों का वजन औसतन 5 से 8 किलोग्राम के बीच है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि बुधवार की देर रात तक सब कुछ सामान्य प्रतीत हो रहा था, लेकिन गुरुवार तड़के अचानक इतनी बड़ी संख्या में मछलियों के मरने से कई गंभीर संशय पैदा हो रहे हैं। तालाब के आसपास अब भारी दुर्गंध फैलने लगी है, जिससे स्थानीय निवासियों को सांस लेने में भी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
एंगलिंग क्लब और प्रबंधन की चुप्पी पर उठे सवाल
ज्ञात हो कि धातकीडीह तालाब का रखरखाव और संचालन जमशेदपुर एंगलिंग क्लब के जिम्मे है। इतनी बड़ी पारिस्थितिक घटना (Ecological Incident) होने के बावजूद क्लब के पदाधिकारी और वहां मौजूद कर्मचारी चुप्पी साधे हुए हैं। मीडिया के सवालों पर प्रबंधन के लोग कुछ भी कहने से कतरा रहे हैं। वहीं, सफाई कर्मियों ने भी इस मामले में अपनी अनभिज्ञता जाहिर की है। तालाब की देखरेख करने वाली संस्था की इस रहस्यमयी चुप्पी ने स्थानीय लोगों के आक्रोश को और बढ़ा दिया है।
जुस्को ने शुरू किया सफाई अभियान, जांच की मांग तेज
स्थानीय लोगों का आरोप है कि तालाब के पानी की गुणवत्ता और साफ-सफाई पर लंबे समय से ध्यान नहीं दिया गया है। यदि समय रहते पानी के ऑक्सीजन लेवल और प्रदूषण की जांच की जाती, तो इस बेजुबान जलीय जीवन को बचाया जा सकता था। लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पानी के सैंपल लेकर इसकी उच्च स्तरीय जांच कराई जाए कि कहीं पानी में कोई जहरीला पदार्थ तो नहीं मिलाया गया।
फिलहाल, स्थिति को देखते हुए ‘जुस्को Tata Steel UISL की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तालाब से मरी हुई मछलियों को निकालने का काम शुरू कर दिया है। प्रशासन का प्राथमिक उद्देश्य तालाब में फैल रहे प्रदूषण को रोकना है ताकि अन्य मछलियों और जलीय जीवों को सुरक्षित रखा जा सके। अब देखना यह है कि प्रशासन इस ‘इकोलॉजिकल डिजास्टर’ के पीछे के असल कारणों का खुलासा कब तक कर पाता है।
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