Jamshedpur News : जमशेदपुर के कोवाली में बच्चा चोरी के शक में चाईबासा निवासी युवक-युवती की बेरहमी से पिटाई, पुलिस ने भीड़ से बचाई जान
Child Lifting Rumors Jamshedpur Kowali
Jamshedpur/Jharkhand : अफवाहें जब इंसानियत पर भारी पड़ जाएं, तो बेगुनाह भी भीड़ के कोपभाजन का शिकार बन जाते हैं। पूर्वी सिंहभूम जिले के कोवाली थाना अंतर्गत रसुनचोपा गांव में शनिवार को कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जहां ‘बच्चा चोर’ होने के संदेह में ग्रामीणों ने एक युवक और एक युवती को पकड़कर उनकी जमकर पिटाई कर दी। इलाके में पिछले कुछ दिनों से सक्रिय अफवाहों ने इस घटना में ‘घी’ का काम किया, जिससे देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
संदेह की चिंगारी और भीड़ का गुस्सा
जानकारी के अनुसार, रसुनचोपा गांव में शनिवार को एक अनजान युवक और युवती को घूमते देख ग्रामीणों को शक हुआ। क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से बच्चा चोरी की अफवाहें हवा में तैर रही हैं, जिसके कारण ग्रामीण पहले से ही अत्यधिक सतर्क और डरे हुए थे। लोगों ने दोनों को रोककर उनकी पहचान पूछी और गांव में आने का उद्देश्य जानना चाहा। बताया जा रहा है कि युवक और युवती सही ढंग से जवाब नहीं दे पाए, जिससे ग्रामीणों का संदेह पुख्ता हो गया।
सवालों का जवाब न मिलने पर भीड़ उग्र हो गई और दोनों के साथ धक्का-मुक्की के बाद मारपीट शुरू कर दी गई। देखते ही देखते वहां दर्जनों लोग जमा हो गए और बच्चा चोरी का आरोप लगाते हुए कानून अपने हाथ में ले लिया।
पुलिस की समय पर एंट्री और रेस्क्यू ऑपरेशन
हिंसक होती भीड़ की सूचना मिलते ही कोवाली थाना प्रभारी धनंजय पासवान दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने सूझबूझ का परिचय देते हुए उत्तेजित ग्रामीणों को शांत कराया और युवक-युवती को सुरक्षित भीड़ के चंगुल से बाहर निकाला। पुलिस दोनों को तत्काल थाने ले आई, जिससे उनकी जान बच सकी।
प्रारंभिक जांच में क्या पता चला
- पकड़े गए दोनों व्यक्ति चाईबासा क्षेत्र के रहने वाले हैं।
- प्रथम दृष्टया दोनों मानसिक रूप से अस्वस्थ प्रतीत हो रहे हैं, जिस कारण वे ग्रामीणों के सवालों का स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए।
- फिलहाल पुलिस उनके परिजनों से संपर्क करने और उनकी सही पहचान स्थापित करने का प्रयास कर रही है।
अफवाहों का पुराना इतिहास : मानपुर की घटना का जिक्र
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब डर के कारण ऐसी स्थिति बनी हो। कुछ दिनों पहले मानपुर पंचायत में भी इसी तरह की गलतफहमी के कारण एक सर्वेयर को बच्चा चोर समझकर बंधक बना लिया गया था, जो बाद में जांच के बाद बेगुनाह पाया गया। लगातार फैल रही झूठी खबरों ने ग्रामीण इलाकों में अविश्वास और भय का माहौल पैदा कर दिया है।
पुलिस की सख्त चेतावनी : अफवाह फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई
कोवाली थाना प्रभारी धनंजय पासवान ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे किसी भी असत्यापित सूचना या सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। उन्होंने कहा कि कानून हाथ में लेना अपराध है। यदि आपको किसी भी व्यक्ति की गतिविधि संदिग्ध लगती है, तो तत्काल पुलिस को सूचित करें। निर्दोष लोगों के साथ हिंसा करना समाज और प्रशासन के लिए गंभीर चिंता का विषय है। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि गांव में बच्चा चोरी की अफवाह फैलाने के पीछे किन लोगों का हाथ है।
