Jamshedpur News : लौहनगरी के मानगो स्थित शंकोसाई रोड नंबर-1 में मंगलवार की देर रात एमजीएम अस्पताल के लिए बिछाई जा रही पानी की पाइपलाइन के कार्यस्थल पर जमकर हंगामा हुआ। पाइपलाइन बिछाने के दौरान हुई लापरवाही के कारण दर्जनों घरों के घरेलू जल कनेक्शन टूट गए, जिससे क्षेत्र में पिछले चार दिनों से पानी की किल्लत बनी हुई थी। बूंद-बूंद पानी को तरस रहे स्थानीय लोगों का धैर्य मंगलवार रात जवाब दे गया और उन्होंने कार्य रुकवा कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
मरम्मत किए बिना काम जारी रखने पर भड़के लोग
स्थानीय लोगों का गंभीर आरोप है कि संवेदक (ठेकेदार) और संबंधित विभाग के अधिकारी क्षतिग्रस्त पाइपों की मरम्मत किए बिना ही जबरन नई पाइपलाइन बिछाने का काम कर रहे थे। निवासियों का कहना है कि जब उन्होंने टूटे हुए कनेक्शनों की शिकायत की, तो उन्हें राहत देने के बजाय उन पर दबाव बनाने की कोशिश की गई। इस अव्यवस्था से नाराज होकर लोगों ने भाजपा के पूर्व नेता विकास सिंह को मौके पर बुलाया।
पहले मरम्मत, फिर काम की चेतावनी
सूचना मिलते ही विकास सिंह देर रात शंकोसाई पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने लापरवाही के लिए संवेदक और मौके पर मौजूद अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। विकास सिंह ने तत्काल कार्य रुकवाते हुए स्पष्ट किया कि जब तक हर घर का क्षतिग्रस्त कनेक्शन दुरुस्त नहीं हो जाता, तब तक नई पाइपलाइन का काम आगे नहीं बढ़ेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जनता की समस्याओं की अनदेखी कर काम जारी रखा गया, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।
पुलिस व प्रशासन के हस्तक्षेप से स्थिति सामान्य
मामले के तूल पकड़ते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने आक्रोशित लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद बुधवार सुबह जिला प्रशासन की पहल पर मरम्मत का कार्य युद्धस्तर पर शुरू हुआ। नगर निगम के अभियंता (इंजीनियर) जलालुद्दीन अपनी तकनीकी टीम के साथ स्थल पर पहुंचे और टूटे हुए पाइपों को जोड़ने का काम शुरू कराया।
राहत के लिए भेजे गए पानी के टैंकर
क्षेत्र में व्याप्त जल संकट को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल पानी के टैंकर उपलब्ध कराए हैं। वर्तमान में वार्ड पार्षद जितेंद्र साहू और रवि गोराई की देखरेख में मरम्मत और जलापूर्ति का कार्य किया जा रहा है। विकास सिंह ने जोर देते हुए कहा कि विकास कार्यों के नाम पर जनता को प्रताड़ित नहीं किया जा सकता। ‘जल ही जीवन है’ और लोगों की बुनियादी जरूरतों को दांव पर लगाकर किया गया कोई भी कार्य स्वीकार्य नहीं है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, हालांकि संवेदक की शुरुआती लापरवाही को लेकर स्थानीय जनता में अब भी रोष व्याप्त है।