Jamshedpur News : दानवीर भामाशाह की जयंती पर राष्ट्रीय अवकाश घोषित करने की मांग, तैलिक साहू महासभा ने डीसी ऑफिस पर दी दस्तक
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Jamshedpur : अखिल भारतीय तैलिक साहू महासभा की जिला इकाई ने गुरुवार को अपनी मांगों को लेकर मुखर आवाज उठाई। महासभा के सदस्यों ने उपायुक्त (डीसी) कार्यालय के समक्ष जोरदार प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार से 23 अप्रैल को ‘महादानवीर भामाशाह’ की जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय अवकाश घोषित करने की मांग की। प्रदर्शन के उपरांत महासभा के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री के नाम संबोधित एक मांग पत्र उपायुक्त कार्यालय को सौंपा।
राष्ट्रभक्ति और त्याग की मिसाल हैं भामाशाह
महासभा के जिला अध्यक्ष राकेश साहू के नेतृत्व में जुटे समाज के सदस्यों ने भामाशाह के ऐतिहासिक योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि महादानवीर भामाशाह भारतीय इतिहास के उन महापुरुषों में से एक हैं, जिन्होंने त्याग और देशभक्ति की ऐसी मिसाल कायम की जिसका कोई दूसरा उदाहरण नहीं मिलता। उन्होंने मेवाड़ की रक्षा के लिए महाराणा प्रताप के कठिन संघर्ष के दौरान अपना सर्वस्व धन राष्ट्र के चरणों में समर्पित कर दिया था। उनके इसी अतुलनीय सहयोग के कारण ही महाराणा प्रताप स्वाभिमान की लड़ाई जारी रख सके थे।
सामाजिक समरसता के प्रतीक को मिले राष्ट्रीय सम्मान
राकेश साहू ने जोर देते हुए कहा कि भामाशाह की भूमिका केवल एक दानवीर तक सीमित नहीं थी, बल्कि वे सामाजिक समरसता और सहकारिता की भावना के वैश्विक प्रतीक थे। उन्होंने बताया कि झारखंड समेत देश के विभिन्न राज्यों में साहू समाज और अन्य वर्गों द्वारा भामाशाह जयंती बेहद उत्साह के साथ मनाई जाती है। इसके बावजूद, अब तक इस महत्वपूर्ण तिथि को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता नहीं मिलना समाज के लिए चिंता और निराशा का विषय है।
नई पीढ़ी को प्रेरित करेंगे भामाशाह के आदर्श
महासभा का मानना है कि यदि केंद्र सरकार 23 अप्रैल को राष्ट्रीय अवकाश घोषित करती है, तो इससे भामाशाह के गौरवशाली इतिहास और उनके महान विचारों को नई पीढ़ी तक प्रभावी ढंग से पहुँचाया जा सकेगा। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि यह कदम न केवल तैलिक साहू समाज बल्कि समूचे देश के लिए गर्व की बात होगी और इससे राष्ट्र सेवा की भावना को बल मिलेगा प्रदर्शन के दौरान समाज के कई गणमान्य सदस्य मौजूद रहे, जिन्होंने एक स्वर में इस मांग को प्रधानमंत्री तक पहुँचाने की अपील की। महासभा ने उम्मीद जताई है कि केंद्र सरकार समाज की इस पुरानी और जायज मांग पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी।

