जीवाश्म विधेयक के विस में पुरःस्थापित न होने से सरयू निराश
● विधानसभाध्यक्ष को 20 जनवरी और 13 मार्च को दो पत्र भी लिखे थे
जमशेदपुर : जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने झारखंड विधानसभा में उनके गैर सरकारी विधेयक (झारखंड भू विरासत (जीवाश्म) विधेयक 2026) को विधानसभा में पुरःस्थापित न करने पर निराशा जताई है. सरयू ने कहा कि वे विधानसभा के अंतिम दिन तक इस आशा में थे कि उनका गैर सरकारी विधेयक विधानसभा में पुरःस्थापित होगा लेकिन बुधवार को झारखंड विधानसभा के समापन के दिन तक यह हो न पाया.
इस संबंध में श्री राय ने विधानसभाध्यक्ष को दो पत्र लिखे थे. उन्होंने लिखा था कि उनकी अपेक्षा है कि उपर्युक्त विषयक उनका गैर सरकारी विधेयक विधान सभा के पंचम (बजट) सत्र में पुरःस्थापित करने की अनुमति प्रदान की जाए. इस संदर्भ में ऐसा होने में अप्रत्याशित विलम्ब निराशाजनक है.
उल्लेखनीय है कि श्री राय ने 20 जनवरी के पत्र में इस बात का जिक्र किया था कि प्रदेश के कतिपय जिलों में दुर्लभ श्रेणी के जीवाश्म का पता चल रहा है, जो एक महत्वपूर्ण भू-विरासत है. राजमहल की पहाड़ियों में कई स्थानों पर भू-विरासत (जीवाश्म) बहुतायत में मिल रहे हैं. साहेबगंज जिला में सरकार ने एक जीवाश्म पार्क भी बनाया है. इस दुर्लभ भू-विरासत (जीवाश्म) के ऊपर मानव जनित गतिविधियों से खतरा पैदा हो रहा है. इसके संरक्षण के बारे में कोई भी कानून राज्य में नहीं है, जबकि इसके संरक्षण के लिए स्पष्ट कानून बनाने की आवश्यकता है.
