Jharkhand Andolankari Sangharsh Morcha Protest : जमशेदपुर में आंदोलनकारियों भरी ‘हुंकार’, सम्मान और अधिकारों के लिए सड़क पर उतरे, प्रशासन पर लगाया उपेक्षा का आरोप
जमशेदपुर में आंदोलनकारियों भरी 'हुंकार', सम्मान और अधिकारों के लिए सड़क पर उतरे, प्रशासन पर लगाया उपेक्षा का आरोप
Jamshedpur/Jharkhand : अलग झारखंड राज्य की लड़ाई लड़ने वाले आंदोलनकारियों के सम्मान और हक-अधिकारों को लेकर सोमवार को लौहनगरी की सड़कें नारों से गूंज उठीं। झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के बैनर तले बड़ी संख्या में आंदोलनकारियों ने एक विशाल विरोध रैली निकाली। यह प्रदर्शन केवल अपनी मांगों को दोहराने के लिए नहीं, बल्कि प्रशासन की वर्षों से जारी कथित उदासीनता के खिलाफ एक कड़ा संदेश देने के लिए था।
पारंपरिक हथियारों के साथ जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन
शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए यह रैली जिला मुख्यालय (डीसी ऑफिस) पहुंची। इस प्रदर्शन की खास बात यह थी कि कई आंदोलनकारी अपने पारंपरिक हथियारों के साथ शामिल हुए, जो उनके भीतर पनप रहे गहरे असंतोष और आक्रोश को स्पष्ट रूप से दर्शा रहा था। प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी लंबित मांगों को जल्द पूरा करने की चेतावनी दी।
“सम्मान मिलने से पहले ही दुनिया छोड़ रहे साथी”
मोर्चा के जिला अध्यक्ष शिबू काली मैती ने सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2021 में एक विशेष संकल्प जारी किया था, जिसके तहत चिन्हित आंदोलनकारियों को सम्मान पत्र, प्रमाण पत्र और प्रतीक चिन्ह देने का वादा किया गया था। लेकिन विडंबना यह है कि अब तक इस दिशा में कोई ठोस धरातलीय कार्य नहीं हुआ है। मैती ने भावुक होते हुए कहा, “यह अत्यंत दुखद है कि हमारे कई साथी उचित सम्मान और पहचान मिलने से पहले ही इस दुनिया से विदा हो गए, लेकिन प्रशासन की नींद नहीं टूट रही है।”
रैली का नेतृत्व कर रहे विश्वजीत प्रमाणिक, दौल गोविंद नामता, नील माधव प्रधान, आनंत प्रधान, शतनु गोप, इंद्र रवि दास और जगविंदर सिंह ने भी प्रशासन की कार्यशैली की कड़ी निंदा की। उन्होंने उपायुक्त (DC) के माध्यम से सरकार से मांग की कि सभी पात्र आंदोलनकारियों का अविलंब प्रमाणीकरण किया जाए और उन्हें सरकारी निर्देशों के अनुरूप सम्मानित किया जाए।
मांगें पूरी नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी
आंदोलनकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि वे अब और प्रतीक्षा करने के मूड में नहीं हैं। यदि उनके सम्मान और पेंशन संबंधी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में यह आंदोलन और भी उग्र रूप धारण करेगा। आंदोलनकारियों का कहना है कि जिस राज्य को उन्होंने अपने पसीने और संघर्ष से सींचा है, वहां उनकी अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्य मांगें एक नजर में
- प्रमाणीकरण : सभी शेष पात्र आंदोलनकारियों को जल्द चिन्हित कर प्रमाण पत्र देना
- सम्मान निधि : वर्ष 2021 के सरकारी संकल्प के अनुसार सम्मान पत्र और प्रतीक चिन्ह का वितरण।
- पेंशन : लंबित पेंशन मामलों का त्वरित निष्पादन।
- सामाजिक सुरक्षा : आंदोलनकारियों के परिवारों के लिए कल्याणकारी योजनाओं का लाभ।
