Ranchi/Jamshedpur : झारखंड पुलिस मुख्यालय ने राज्य की पुलिस व्यवस्था में प्रशासनिक कसावट लाने और रिकॉर्ड्स को पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से एक बड़ा निर्देश जारी किया है। अब राज्य के किसी भी जिले, इकाई या वाहिनी में तैनात पुलिस पदाधिकारी या कर्मी के निलंबन से संबंधित आदेश की प्रति सीधे पुलिस मुख्यालय को भेजना अनिवार्य होगा। मंगलवार को पुलिस मुख्यालय की प्रभारी एनजी (NG) शाखा द्वारा इस संबंध में एक आधिकारिक पत्र जारी कर सभी जिलों के आला अधिकारियों को इस आदेश का कड़ाई से अनुपालन करने का निर्देश दिया गया है।
मुख्यालय ने क्यों उठाया यह कदम?
अक्सर यह देखा गया है कि जिला स्तर पर अनुशासनहीनता, भ्रष्टाचार या अन्य आरोपों के चलते पुलिस कर्मियों को निलंबित तो कर दिया जाता है, लेकिन इसकी आधिकारिक सूचना समय पर मुख्यालय तक नहीं पहुँचती। सूचना के इस अभाव के कारण पुलिस मुख्यालय के केंद्रीय अभिलेखों (Records) के संधारण और उन्हें अपडेट करने में काफी तकनीकी और प्रशासनिक परेशानियां आती थीं। इसी स्थिति को गंभीरता से लेते हुए मुख्यालय ने अब यह सुनिश्चित किया है कि निलंबन की जानकारी छुपाना या देरी करना संभव नहीं होगा।
सभी एसएसपी, एसपी और समादेष्टाओं को कड़े निर्देश
मुख्यालय द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि किसी भी जिले, इकाई या वाहिनी में कार्यरत या प्रतिनियुक्त पुलिस अधिकारी अथवा कर्मी के निलंबन से संबंधित जिलादेश (District Order) या बलादेश (Force Order) की एक प्रति तुरंत मुख्यालय को उपलब्ध करानी है।
इन अधिकारियों को दी गई जिम्मेदारी
राज्य के सभी वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP)
सभी जिलों के पुलिस अधीक्षक (SP)
विभिन्न वाहिनियों के समादेष्टा (Commandant)
अन्य संबंधित विभागीय प्रमुख
ये है मुख्यालय का लक्ष्य
इस नए निर्देश का प्राथमिक उद्देश्य पुलिस विभाग के भीतर प्रशासनिक पारदर्शिता बनाए रखना है। समय पर निलंबन की प्रति मिलने से मुख्यालय यह ट्रैक कर सकेगा कि किस जिले में अनुशासन को लेकर क्या कार्रवाई की गई है। साथ ही, इससे कर्मियों के सर्विस रिकॉर्ड को अपडेट रखने में मदद मिलेगी, जिससे भविष्य में पदोन्नति, स्थानांतरण या विभागीय जांच की प्रक्रियाओं में कोई विसंगति उत्पन्न न हो। मुख्यालय ने साफ कर दिया है कि इस निर्देश के उल्लंघन या लापरवाही को अनुशासनहीनता माना जाएगा।