जनजातीय बच्चों के साथ ‘पंख’ का वनभोज, सभी ने की मस्ती
● समाज के मुख्य धारा से जोड़ने की पहल
जमशेदपुर : सामाजिक संस्था ‘पंख फाउंडेशन’ की ओर से जनजातीय बच्चों के साथ वनभोज का आयोजन स्थानीय जुबिली पार्क स्थित निक्को पार्क में किया गया. इस अवसर पर बच्चों ने अपने मनपसंद खेलों के साथ मनोरंजन किया. बालक-बालिकाओं ने लोकगीत और लोकनृत्य के साथ अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया. सबरनगर, हाता, दलमा-समनपुर और सुंदरनगर के लगभग दो सौ बच्चों को बस के माध्यम से निक्को पार्क में लाया गया, जहां संस्था की महिला सदस्याओं ने बच्चों के आगमन पर फूलों की वर्षा कर उनका स्वागत किया गया. बच्चों को सुबह नाश्ता के रूप में केला, अंडा, फ्रूट जूस, फ्रूट बन, चिप्स लॉलीपॉप, चॉकलेट आदि दिए गए.
इस अवसर पर बच्चों ने अपने पारंपरिक भेष-भूषा में संथाली नृत्य, हिंदी नाटक, बंगला तथा उड़िया संस्कृति के नाच-गाने प्रस्तुत किए. दोपहर को भोजन में दाल-भात, चिकन, मिक्सवेज, जलेबी और आइसक्रीम परोसे गये. बच्चों ने खुशी मन से इसका आनंद लिया. शाम के समय कार्यक्रम के समापन पर बच्चों को रिटर्न गिफ्ट एवं विजयी प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया. इस प्रकार के वनभोज का कार्यक्रम विगत सोलह वर्षों से संगठन के द्वारा आयोजित किया जा रहा है. वनभोज को सफल बनाने में मृण्मय कुमार घोष, किंशुक मुखर्जी, नवीन शुक्ला, देव कुमार, वासु दे, जकतार सिंह का महत्वपूर्ण योगदान रहा. ‘पंख संस्था’ के संयोजक अयान मुखर्जी ने इस कार्यक्रम के संयोजन एवं संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. श्री अयान मुखर्जी एवं उनके साथियों का मानना है कि जो बच्चे समाज की तरक्की से वंचित है उन्हें मुख्य धारा में जोड़ना उन्नत वर्ग की तरह उन्हें भी खुशियाँ मनाने का अधिकार प्रदान करना ताकि उनमें आत्मविश्वास आए और वह अपनी मौलिक प्रतिभाओं को विकसित करने का अवसर प्राप्त कर सकें.
