कोल्हान यूनिवर्सिटी में लागू किए जा रहे क्लस्टर सिस्टम को लेकर अब छात्रों का गुस्सा खुलकर सामने आने लगा है। जमशेदपुर में बड़ी संख्या में छात्रों ने इस व्यवस्था के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और विश्वविद्यालय अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर अपनी नाराज़गी जताई।
छात्रों का कहना है कि क्लस्टर सिस्टम उनके लिए सुविधा नहीं बल्कि परेशानी का कारण बनता जा रहा है। उनका आरोप है कि इस नई व्यवस्था के तहत उन्हें परीक्षा और पढ़ाई से जुड़े कार्यों के लिए दूसरे कॉलेजों में जाना पड़ सकता है, जिससे समय, पैसा और मानसिक दबाव तीनों बढ़ेंगे। खासकर ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए यह व्यवस्था और मुश्किलें पैदा कर सकती है।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने जोरदार नारेबाजी की और कहा कि बिना छात्रों की राय लिए ऐसे बड़े फैसले थोपना उचित नहीं है। उनका कहना है कि शिक्षा व्यवस्था को आसान और छात्रहित में बनाया जाना चाहिए, न कि ऐसा कि छात्रों को अतिरिक्त बोझ उठाना पड़े।
छात्र संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। कई छात्रों ने यह भी कहा कि पहले से ही परीक्षा में देरी, रिजल्ट संबंधी समस्याएं और प्रशासनिक अव्यवस्था से छात्र परेशान हैं, ऐसे में क्लस्टर सिस्टम नई चिंता बनकर सामने आया है।
विश्वविद्यालय अधिकारियों ने छात्रों का ज्ञापन स्वीकार कर मामले पर विचार करने का आश्वासन दिया है। हालांकि फिलहाल छात्रों के भीतर असंतोष साफ दिखाई दे रहा है और कैंपस में इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
यह विरोध सिर्फ एक सिस्टम के खिलाफ नाराज़गी नहीं, बल्कि उस चिंता की आवाज़ है जो आज के छात्र अपने भविष्य और शिक्षा व्यवस्था को लेकर महसूस कर रहे हैं। अब देखने वाली बात होगी कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों की मांगों को कितनी गंभीरता से लेता है।