कृष्ण जन्मोत्सव सिर्फ उत्सव नहीं, आत्मिक जागरण का भी पर्व
बिष्टुपुर तुलसी भवन में चल रहे भागवत कथा का चौथा दिन
जमशेदपुर : बिष्टुपुर तुलसी भवन में शारणागति परिवार द्धारा आयोजित भागवत कथा के चौथे दिन आज रविवार को वृंदावन से आये कथावाचक रसिया बाबा ने गजेंद्र मोक्ष, समुद्र मंथन, वामन अवतार, राम और कृष्ण जन्मोत्सव की कथा का प्रसंग सुनाया. कथाव्यास ने देवकी के आठ संतानों की उत्पत्ति सहित राजा दक्ष की सोलहवीं कन्या शक्ति से शिव के विवाह का भी प्रसंग बताया. समुद्र मंथन का वर्णन करते हुए देवासुर संग्राम और वामन अवतार की कथा से श्रद्धालुओं को रूबरू कराया. कहा कि वामन चरित्र की कथा अहंकार त्याग और परोपकार का महत्व सिखाती है. गजेंद्र मोक्ष भागवत कथा का एक महत्वपूर्ण प्रसंग है, जो सभी कष्टों से मुक्ति और आत्मिक शांति का प्रतीक है तथा यह कथा संकट में भगवान का स्मरण करने के महत्व को दर्शाती है.
उन्होंने कहा कि कृष्ण जन्मोत्सव केवल उत्सव नहीं, आत्मिक जागरण का पर्व है. आज के मुख्य यजमान उषा-बृज मोहन बागड़ी, प्रदीप महेश्वरी, सुनील महेश्वरी, महेश केडिया थे. कथा के पांचवें दिन कल, सोमवार को बाल लीला, माखन चोरी, वेणु गीत, गोवर्धन लीला आदि प्रसंगों की व्याख्या की जाएगी.
महोत्सव में हर रूप में सजे थे 108 बाल गोपाल
कथा के दौरान रविवार को प्रात: 10 बजे से तुलसी भवन में 108 श्री लड्डू गोपाल अभिषेकम (अष्टोत्तर्षत श्री गोपालोमहाभिषेक महोत्सव) का आयोजन रसिया बाबा के सानिध्य में हुआ. सामूहिक रूप से 108 बाल गोपाल हर रूप में सजे हुए थे. बाल रूप कृष्ण को शुद्ध, सुगंधित चीजे (जैसे दूध, दही, घी, शहद, गंगाजल) से स्नान कराया गया. स्नान के बाद उन्हें वस्त्र, मुकुट, मोर पंख पहनाकर, चंदन तिलक लगाकर सजाया गया. विशेष पूजा और आरती के बाद भोग लगाया गया. इस दौरान रसिया बाबा ने अष्टोत्तर्षत श्री गोपालोमहाभिषेक महोत्सव का अर्थ समझाया.
