February 11, 2026

कर्मियों के सामाजिक सुरक्षा कवरेज हेतु ‘नामांकन अभियान’

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ईपीएफओ की विशेष पहल : 1 नवंबर से हो चुका है शुरु, 30 अप्रैल तक चलेगा

जमशेदपुर : कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने स्वैच्छिक अनुपालन को बढ़ावा देने और सभी पात्र कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा कवरेज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कर्मचारी नामांकन अभियान शुरू किया है. यह योजना 1 नवम्बर, 2025 से 30 अप्रैल, 2026 तक संचालित रहेगी. योजना के माध्यम से ऐसे कर्मचारियों को ईपीएफ से जोड़ा जाएगा जो 01 जुलाई, 2017 से 31 अक्टूबर, 2025 के बीच ईपीएफ कवरेज से बाहर रह गए थे. उक्त जानकारी क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त प्रशांत कुमार ने दी.
उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत नियोक्ताओं को एक बार का विशेष अवसर दिया गया है जिसमें वे इन पात्र कर्मचारियों को ईपीएफओ पोर्टल पर घोषित कर सकते हैं जिन्हें पूर्व में किसी कारणवश ईपीएफ में नहीं जोड़ा गया था. विशेष बात यह है कि घोषित कर्मचारियों के मामले में यदि उनके वेतन से कर्मचारी अंश नहीं काटा गया था तो उसे पूरी तरह माफ किया जाएगा. हालांकि नियोक्ताओं को अपनी हिस्सेदारी का अंश, ब्याज (धारा 7क्यू), प्रशासनिक शुल्क और एक सौ रूपए का नाममात्र दंड जमा कराना होगा. इस योजना का लाभ उन संस्थानों को भी मिलेगा जो धारा 7ए, पैरा 26बी या ईपीएस- 1995 के पैरा आठ के तहत जांच का सामना कर रहे हैं. ऐसे मामलों में भी पंजीकरण संभव होगा और ईपीएफओ की ओर से कोई स्वत: कार्रवाई नहीं की जायेगी. श्री कुमार का मानना है कि उद्योगों में पारदर्शिता बढ़ाने और छूटे हुए कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. इसलिए ईपीएफओ, क्षेत्रीय कार्यालय जमशेदपुर के अंतर्गत आनेवाले सभी प्रतिष्ठानों के नियोक्ताओं से ईपीएफओ, जमशेदपुर कार्यालय की ओर से यह अपील की गई कि छूटे हुए पात्र कर्मचारियों को ईपीएफ के दायरे में लाने की इस मुहिम का लाभ उठाएं.