मुरलीधर केडिया की आत्मकथा ‘भूलते-भागते क्षण’ का लोकार्पण
जमशेदपुर : सिंहभूम जिला हिन्दी साहित्य सम्मेलन/तुलसी भवन मे आयकर अधिवक्ता, साहित्यकार एवं संस्थान के वरीय न्यासी मुरलीधर केडिया की पुस्तक ‘भूलते-भागते क्षण’ का लोकार्पण किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता तुलसी भवन के अध्यक्ष सुभाष चंद्र मुनका तथा संचालन मानद महासचिव डाॅ. प्रसेनजित तिवारी ने किया. मौके पर मुख्य अतिथि विधायक सरयू राय तथा विशिष्ट अतिथिद्वय इंदर अग्रवाल (अध्यक्ष, असिया) एवं गोविंद दोदराजका (समाजसेवी), डाॅ. अंगद तिवारी (प्रतिकुलपति,अरका जैन विश्वविद्यालय), खजांची लाल मित्तल मंचासीन रहे.
अतिथियों का स्वागत तुलसी भवन के उपाध्यक्ष राम नन्दन प्रसाद ने किया. लोकार्पित पुस्तक ‘भूलते-भागते क्षण’ पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए दिव्येन्दु त्रिपाठी ने कहा कि यह पुस्तक सरल तथा सुघड़ शब्दों में लिखी गई आत्मकथा है जिसमें लेखक के अपने जीवन के साथ-साथ जमशेदपुर की भी पुरानी स्मृतियों को समेटा गया है.
मुख्य अतिथि श्री राय ने कहा कि केडिया जी यह पुस्तक पाठकों में जिज्ञासा जगाने वाली है. इसे बहुत ही रोचक तरीके से लिखा और सजाया गया है. लेखक श्री केडिया का साहित्यिक जीवन परिचय अशोक पाठक स्नेही ने बड़े ही सुन्दर अंदाज में प्रस्तुत की, जबकि यमुना तिवारी ‘व्यथित’ ने इसे अपनी काव्य शैली मेंं प्रस्तुत किया. कार्यक्रम के दौरान उपरोक्त अतिथियों के अलावा श्रीमती केडिया व अरविन्द केडिया ने भी संबोधित किया. धन्यवाद ज्ञापन तुलसी भवन के कोषाध्यक्ष विमल जालान ने किया.
इस अवसर पर मुख्य रुप से मानव केडिया, मनीष केडिया, विमल जालान, विद्यासागर लाभ, डाॅo रागिनी भूषण, डाॅo यमुना तिवारी व्यथित, डाॅ० अजय कुमार ओझा, अशोक पाठक’स्नेही’, सुरेश चन्द्र झा, कैलाश नाथ शर्मा ‘गाजीपुरी’ ब्रजेन्द्रनाथ मिश्र, नीता सागर चौधरी, शीतल प्रसाद दुबे, डाॅo अरुण सज्जन, डाॅo राकेश पाण्डेय, राजेन्द्र सिंह, वीणा पाण्डेय ‘भारती’, रीना सिन्हा सलोनी, वसंत जमशेदपुरी, डाॅo आशा गुप्ता, मंजू ठाकुर, हरिहर राय चौहान, शिव नन्दन सिंह, उपासना सिन्हा, ममता कर्ण, पुनम शर्मा स्नेहिल, नीलम पेडिवाल, सुदीप्ता जेठी राउत, रीना गुप्ता, डाॅ० उदय प्रताप हयात, माधव पाण्डेय निर्मल, वीणा कुमारी नंदिनी, आरती श्रीवास्तव, शकुन्तला शर्मा, सिंह रहबर, सोनी सुगंधा, पद्मा प्रसाद,भंजदेव देवेन्द्र कुमार व्यथित, बलविन्दर सिंह, निशांत सिंह, शकुन्तला शर्मा, मुकेश रंजन, मनीष सिंह वंदन, डाॅo अरुण कुमार शर्मा, पुनम सिंह, नीलाम्बर चौधरी, सुरज सिंह राजपुत , पुनम सिंह, राजेन्द्र राज, शिप्रा सैनी सहित शताधिक साहित्यकारों की उपस्थिति रही.
