माओवादी नेता राजू दादा के अंतिम संस्कार में शामिल होने के आरोप में सामाजिक कार्यकर्ता दामोदर तुरी से NIA कर रही पूछताछ। Ranchi News
- हैदराबाद कार्यालय में पेश हुए दामोदर तुरी, प्रतिबंधित माओवादी संगठन से संभावित संबंधों की जांच
Ranchi/Jharkhand : प्रतिबंधित माओवादी संगठन से जुड़े एक मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने झारखंड के सामाजिक कार्यकर्ता दामोदर तुरी को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए तलब किया है। यह कार्रवाई कथित रूप से माओवादी नेता कथा रामचंद्र रेड्डी उर्फ राजू दादा के अंतिम संस्कार में शामिल होने के आरोप से जुड़ी बताई जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, NIA ने यह नोटिस हैदराबाद स्थित अपने कार्यालय से जारी किया था। नोटिस मिलने के बाद दामोदर तुरी 4 मार्च को हैदराबाद स्थित NIA कार्यालय में जांच अधिकारियों के सामने पेश हुए, जहां उनसे मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर पूछताछ की जा रही है।
दो महीने पहले दर्ज हुई थी प्राथमिकी
जांच एजेंसी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि इस मामले में करीब दो महीने पहले प्राथमिकी दर्ज की गई थी। उसी के आधार पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने मामले की विस्तृत जांच शुरू की है।
जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि दामोदर तुरी का प्रतिबंधित माओवादी संगठन से किसी प्रकार का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष संबंध है या नहीं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि वे जिस कार्यक्रम में शामिल हुए थे, उसका स्वरूप क्या था और उसमें किन-किन लोगों की भागीदारी रही।
मुठभेड़ में मारे गए थे माओवादी नेता राजू दादा
दरअसल, यह पूरा मामला सितंबर 2025 की एक घटना से जुड़ा हुआ है। उस समय तेलंगाना और छत्तीसगढ़ की सीमा पर सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। इस मुठभेड़ में माओवादी संगठन की सेंट्रल कमेटी के सदस्य रामचंद्र रेड्डी उर्फ राजू दादा मारे गए थे।
राजू दादा लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के लिए वांछित थे और उन पर करीब 25 लाख रुपये का इनाम घोषित था। मुठभेड़ में मारे जाने के बाद उनका अंतिम संस्कार तेलंगाना में किया गया था।
अंतिम संस्कार में शामिल होने का आरोप
जांच एजेंसियों के मुताबिक, झारखंड में विस्थापन विरोधी जन विकास आंदोलन से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता दामोदर तुरी भी कथित रूप से उस अंतिम संस्कार कार्यक्रम में मौजूद थे। इसी आधार पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने उनसे पूछताछ शुरू की है।
NIA यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उस कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोगों का माओवादी संगठन से कोई संगठित नेटवर्क या संपर्क तो नहीं है।
संभावित नेटवर्क की भी जांच
जांच एजेंसी इस पूरे मामले को केवल एक घटना तक सीमित न रखकर संभावित नेटवर्क और संपर्कों की भी पड़ताल कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान जुटाए जा रहे तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।फिलहाल NIA मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है और संबंधित लोगों से पूछताछ जारी है।
