पारंपरिक व्यवस्था को आगे बढ़ाने का लिया संकल्प
सोनारी टीसीसी में भूमिज समाज की बैठक, विधायक संजीव हुए शामिल
जमशेदपुर : झारखंड सरकार द्वारा पेसा नियमावली की अधिसूचना में शामिल की गई भूमिज सामाजिक व्यवस्था-मुड़ा, सरदार, नायक एवं डाकुआ व्यवस्था को कोल्हान स्तर पर मजबूत करने की दिशा में व्यापक पहल की जाएगी. इसे लेकर मकर संक्रांति के बाद गांव-गांव जनजागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है. इस विषय पर सोनारी के ट्राइबल कल्चर सेंटर (टीसीसी) में पोटका विधायक संजीव सरदार की अध्यक्षता में बैठक हुई. इस अवसर पर कोल्हान के विभिन्न इलाकों से आए समाज के लोगों ने पेसा कानून को आदिवासी समाज के लिए ऐतिहासिक कदम बताते हुए झारखंड सरकार का आभार जताया. उपस्थित लोगों ने सामाजिक व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाने पर बल दिया. समाज के लोगों ने एकजुट होकर पारंपरिक व्यवस्था को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया.
इस अवसर पर श्री सरदार ने कहा कि पांचवीं अनुसूची क्षेत्र में पेसा कानून को कैबिनेट से मंजूरी देकर राज्य सरकार ने आदिवासियों के जल, जंगल और जमीन की सुरक्षा सुनिश्चित किया है. इस कानून से आदिवासी समाज की पारंपरिक सामाजिक व्यवस्था को संवैधानिक मजबूती मिली है, जिससे समाज की स्थिति और सशक्त होगी. उन्होंने बताया कि उनके द्वारा की गई मांग पर भूमिज समाज की मुड़ा, सरदार, नायक और डाकुआ व्यवस्था को पेसा नियमावली में शामिल किया गया है.
गोपाल मैदान मे मनेगी गंगा नारायण सिंह की जयंती
विधायक श्री सरदार ने घोषणा की कि आगामी 25 अप्रैल, 2026 को बिष्टुपुर के गोपाल मैदान में भूमिज विद्रोह के महानायक वीर शहीद गंगा नारायण सिंह की जयंती मनाई जाएगी. इस अवसर पर पूरे कोल्हान क्षेत्र से लगभग 50 हजार लोगों के जुटान का लक्ष्य रखा गया है. उक्त अवसर पर शहर में वीर शहीद गंगा नारायण सिंह की प्रतिमा स्थापना का प्रयास किया जाएगा, जिसके लिए स्थल चयन हेतु जिला प्रशासन को पत्र भेजा जाएगा.
कोल्हान के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे प्रतिनिधि
बैठक में दिनेश चंद्र सरदार, सिदेश्वर सरदार, हरिश्चंद्र सिंह भूमिज, सुदर्शन भूमिज, भक्तरंजन सिंह भूमिज, मंगल सिंह मुंडा, साहेब राम सिंह मुंडा, मदन सिंह मुंडा, सुनील सिंह सरदार, संजय कुमार मुंड़ा, गोबिंद सिंह, ललिन सिंह, बुद्धेश्वर सरदार, बासंती सरदार, दीपक कुमार सरदार, कार्तिक सरदार, अशोक सिंह, निरंजन सिंह सहित पोटका, मुसाबनी, घाटशिला, डुमरिया, धालभूमगढ़, गुड़ाबांधा, पटमदा, बोड़ाम, नीमडीह, चांडिल, कुकडु, गम्हरिया, सरायकेला, राजनगर, जमशेदपुर और तमाड़ क्षेत्र से काफी संख्या में लोग उपस्थित थे.
