पूर्व सीएम चंपाई के पोते का कुल्लू में निधन, टूटा दुःखों का पहाड़
परिजन कुल्लू रवाना, गांव में शोक की लहर
जमशेदपुर : झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन के पोते व बाबूलाल सोरेन के पुत्र वीर सोरेन (21 वर्ष) की हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में संदिग्ध परिस्थितियों में निधन हो गया है. चंपाई ने स्वयं इस बात की जानकारी सोशल मीडिया हैंडल एक्स में पोस्ट कर दी है.
प्राप्त जानकारी के अनुसार वीर सोरेन बाहर रहकर पढ़ाई कर रहे थे और मंगलवार को वे अपने दोस्तों के साथ कुल्लू मनाली घूमने गए थे. बर्फ में स्केटिंग करने के बाद वे होटल लौटने पर उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई. कहा जा रहा है कि उन्हें अस्पताल ले जाने का अवसर नहीं मिल सका और वहीं उनका निधन हो गया. घटना की सूचना मिलते ही पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन अपने पुत्रों सिमल सोरेन और बाबूलाल सोरेन तथा अन्य परिजनों के साथ देर रात रांची से दिल्ली के लिए रवाना हो गए. जानकारी के मुताबिक वे सड़क मार्ग से रांची पहुंचे और वहां से हवाई मार्ग द्वारा दिल्ली के लिए प्रस्थान किया, जहां से कुल्लू जाने की तैयारी है. इधर, उनके पैतृक गांव में चल रहा पारंपरिक कार्यक्रम शोक के कारण स्थगित कर दिया गया है. पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है और परिजन आधिकारिक जानकारी का इंतजार कर रहे हैं. फिलहाल प्रशासनिक स्तर पर विस्तृत जानकारी की प्रतीक्षा की जा रही है. बाबूलाल सोरेन के दो पुत्रों में वीर बड़े पुत्र थे.
जानकारी के अनुसार वीर सोरेन 22 फरवरी को अपने मित्रों के साथ मनाली पहुंचे थे और सिमसा स्थित एक निजी होटल में ठहरे हुए थे. 23 फरवरी को वे सोलंग वैली और हाम्टा पास के समीप सेथन गांव घूमने गए. ऊंचाई वाले इस क्षेत्र में घूमने के बाद सभी शाम को होटल लौट आए. बताया जा रहा है कि मंगलवार दोपहर करीब 12.30 बजे घूमकर वापस आने के बाद वीर ने सिर में तेज दर्द की शिकायत की. बाद में दवा खाकर वह आराम करने के लिए सो गया. रात्रि करीब 2.30 बजे कमरे से गिरने की आवाज आई. जब दोस्तों ने जाकर देखा तो वीर बेड से नीचे गिरा हुआ था. हालत बिगड़ती देख वे तुरंत उसे सिविल अस्पताल मनाली लेकर पहुंचे. अस्पताल में चिकित्सकों ने काफी देर तक सीपीआर दी, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका. डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
