March 24, 2026

Jamshedpur Potka Road Accident : पोटका में भीषण सड़क हादसा: एनएच-220 पर खड़े हाईवा से टकराया अनियंत्रित टेंपो, चालक की दर्दनाक मौत

Jamshedpur Potka Road Accident

पोटका में भीषण सड़क हादसा: एनएच-220 पर खड़े हाईवा से टकराया अनियंत्रित टेंपो, चालक की दर्दनाक मौत

Potka (Jamshedpur)/Jharkhand : झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका थाना क्षेत्र अंतर्गत एनएच-220 पर रविवार की देर रात एक हृदयविदारक सड़क हादसा पेश आया। छोटानागपुर कॉलेज के समीप स्थित रितिका ढाबा के पास एक तेज रफ्तार टेंपो सड़क किनारे खड़े हाईवा के पिछले हिस्से में जा घुसा। इस भीषण टक्कर में टेंपो चालक की जान चली गई। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।

अनियंत्रित होकर काल बना खड़ा हाईवा

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सरायकेला-खरसावां जिले के राजनगर प्रखंड स्थित एदल गांव निवासी चोनडी नंदी उर्फ डोमा नंदी (38 वर्ष) अपने टेंपो (संख्या JH 05 J 5008) से पोटका के भूमरी नवकुंज कार्यक्रम से वापस लौट रहे थे। इसी दौरान रितिका ढाबा के पास उनका वाहन अनियंत्रित हो गया और सीधे सड़क किनारे खड़े एक हाईवा के पिछले हिस्से से टकरा गया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि टेंपो का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया और चोनडी नंदी गंभीर रूप से घायल हो गए।

अस्पताल पहुंचने से पहले ही थमी सांसें

हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों और राहगीरों ने तत्परता दिखाते हुए घायल चालक को मलबे से बाहर निकाला और तत्काल इलाज के लिए जमशेदपुर स्थित टाटा मेन हॉस्पिटल (TMH) पहुँचाया। हालांकि, अस्पताल पहुँचने पर डॉक्टरों ने जांच के उपरांत उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही हाईवा चालक अपने वाहन के साथ मौके से फरार होने में सफल रहा।

उजड़ गया इकलौता सहारा, जल्द बजने वाली थी शहनाई

मृतक के परिजनों ने बताया कि चोनडी नंदी अपने परिवार के इकलौते कमाऊ सदस्य थे। उनके कंधों पर वृद्ध माता-पिता की देखरेख की जिम्मेदारी थी। सबसे दुखद पहलू यह है कि घर में जल्द ही उनकी शादी होने वाली थी और परिवार खुशियों की तैयारियों में जुटा था। इस हादसे ने उन खुशियों को पल भर में मातम और अंधेरे में बदल दिया है।

पुलिस ने शुरू की जांच

पोटका थाना पुलिस ने घटना की सूचना मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस फरार हाईवा और उसके चालक की तलाश के लिए आसपास के सीसीटीवी फुटेज और अन्य सुराग खंगाल रही है। प्रारंभिक दृष्टि में हादसे का कारण तेज रफ्तार और सड़क किनारे बिना किसी संकेतक (Indication) के खड़े भारी वाहन को माना जा रहा है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।