February 25, 2026

प्रेम, ज्ञान और भक्ति का अद्भूत समागम प्रस्तुत करती है भागवत

IMG-20260224-WA0008

गोलमुरी में कथा का छठा दिन, गुरुवार को शाम खेली जाएगी फूलों की होली

जमशेदपुर : गोलमुरी मनिंदर टावर में चल रहे भागवत कथा के छठे दिन मंगलवार को आचार्य पंडित सुरेश चन्द्र शास़्त्री जी महाराज ने वृंदावन की महारास लीला, कृष्ण का मथुरा गमन, अत्याचारी कंस का वध, ज्ञान-भक्ति का उद्धव-गोपी संवाद और रुक्मिणी विवाह का दिव्य प्रसंग सुनाया. कहा कि भागवत कथा के ये प्रसंग श्रीकृष्ण की लीलाओं का सार है, जो प्रेम, ज्ञान और सत्य की विजय का संदेश देते हैं. इन प्रसंगों का श्रवण करने से जीवन में भक्ति मार्ग का विस्तार होता है. यह कथा प्रेम, ज्ञान और भक्ति का अद्भुत समागम प्रस्तुत करती है.
कथावाचक ने कहा कि कंस के अत्याचार से पृथ्वी को बचाने के लिए श्रीकृष्ण और बलराम ने मथुरा जाकर दुष्ट कंस का वध किया. इसके बाद उन्होंने सांदीपनि मुनि के आश्रम में विद्या ग्रहण की. महाराज ने कहा कि कंस वध के बाद श्रीकृष्ण ने उद्धव को गोपियों को ज्ञान सिखाने के लिए भेजा, लेकिन गोपियों के निश्छल प्रेम के आगे उद्धव का ज्ञान फीका पड़ गया और उन्होंने गोपियों को अपना गुरु मान लिया. शास्त्रीजी ने कहा कि विदर्भ की राजकुमारी रुक्मिणी श्रीकृष्ण को ही पति रूप में चाहती थीं, लेकिन उनका भाई रुक्मी उनका विवाह शिशुपाल से करना चाहता था. रुक्मिणी ने श्रीकृष्ण को संदेश भेजा, जिसके बाद भगवान ने युद्ध से बचते हुए उनका हरण किया और विधि-विधान से विवाह कर उन्हें पटरानी का दर्जा दिया.
आचार्य ने कहा कि वृंदावन में शरद पूर्णिमा की रात श्रीकृष्ण ने बांसुरी बजाकर गोपियों का आह्वान किया। यह जीवात्मा का परमात्मा से मिलन है, जिसे महारास कहा जाता है. इसमें गोपियों का प्रेम सर्वोपरि बताया गया है. कल, सातवें दिन बुधवार को सुदामा चरित्र, कुरूक्षेत्र लीला, श्री कृष्ण उद्धव संवाद, भगवत कथा सार, कथा विश्राम का प्रसंग सुनाया जायेगा. आठवें दिन गुरूवार 26 फरवरी को सुबह प्रात: 9 बजे से हवन और शाम 5 बजे से फूलों की होली होगी. यह आठ दिवसीय आयोजन गोलमुरी के चम्पा-रतन अग्रवाल (गोयल परिवार) द्धारा किया जा रहा है. मौके पर पार्वती देवी, रतन अग्रवाल, चम्पा अग्रवाल, गोविंद अग्रवाल, माधव अग्रवाल सहित काफी संख्या में भक्तगण भगवान की कीर्तन श्रवण कर आनन्द प्राप्त किया.