February 12, 2026

झारखंड हाईकोर्ट ने सड़क निर्माण में पेड़ों की कटाई पर उठाए सवाल, NHAI और राज्य सरकार से मांगा जवाब

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रांची। झारखंड हाईकोर्ट ने सड़क चौड़ीकरण के दौरान पेड़ों की कटाई के बजाय उन्हें अन्य स्थान पर स्थानांतरित (ट्रांसलोकेट) करने की मांग वाली जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और राज्य सरकार से जवाब तलब किया है।

मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने मंगलवार को सुनवाई के दौरान पूछा कि सड़क किनारे लगे पेड़ों को ट्रांसलोकेट करने में क्या दिक्कत है। इस पर NHAI ने कहा कि यह अनुबंध का हिस्सा नहीं है और उनके पास इस काम के लिए आवश्यक मशीन भी नहीं है।

कोर्ट ने टिप्पणी की कि “अनुबंध सिस्टम से बनते हैं, इसे बनाने वाले मंगल ग्रह से नहीं आते” — तो फिर इसे अनुबंध का हिस्सा क्यों नहीं बनाया जा सकता।याचिका में दावा किया गया कि पहले हाई पावर कमेटी ने 14 इंच से अधिक मोटाई वाले पेड़ों को ट्रांसलोकेट करने का निर्णय लिया था, लेकिन राज्य सरकार ने यह सीमा घटाकर 7 इंच कर दी। अदालत ने इस बदलाव पर सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है।

NHAI ने जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा, जिसे अदालत ने मंजूर कर लिया। यह जनहित याचिका इंद्रजीत सामंथा द्वारा दायर की गई थी। मामला उस समय सुर्खियों में आया था जब रांची के डोरंडा क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण के दौरान ‘कल्पतरु’ नामक पेड़ को काटा गया था।