February 11, 2026

राज्य को लूटने से बचाने को लडऩी होगी लड़ाई

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खरसावां शहीद स्थल पहुंच ललित ने दी श्रद्धांजलि, याद किये आंदोलन के दिन

जमशेदपुर : झारखंड आंदोलनकारी सह ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन (आजसू), बृहत झारखंड के पूर्व केन्द्रीय अध्यक्ष ललित महतो भी गुरुवार को खरसावां गोलीकांड के शहीदों को श्रद्धांजलि देने शहीद स्थल पहुंचे. ज्ञात हो कि श्री महतो वर्ष 1988 से लगातार खरसावां पहुंचकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते आ रहे हैं. मौके पर श्री महतो ने कहा कि ‘ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन’ के कार्यकर्ता 1 जनवरी, 1988 को इसी शहीद स्थल पर अपना शैक्षणिक प्रमाण पत्र जलाकर ‘झारखंड नहीं तो चुनाव नहीं’ का नारा देते हुए अलग झारखंड राज्य लेने की सौगंध खाई थी और तब से यहां शहीद दिवस मनाया जाने लगा.
उन्होंने कहा कि 1 जनवरी, 1948 की यह गोलीकांड आजाद भारत का सबसे बड़ा नरसंहार था. यह तत्कालीन केंद्र और ओडिसा सरकार के आदेश पर झारखंड राज्य की मांग करनेवाले निर्दोष लोगों पर गोलियां बरसाई गई थी, जिसमे हजारों लोग मारे गए थे. श्री महतो ने कहा कि जिस प्रकार हमलोगों ने अलग झारखंड राज्य लेने की कसम खाई थी, उसी प्रकार आज झारखंडवासियों को राज्य की रक्षा की लड़ाई लडऩी होगी, वरना झारखंड वासी लुटते रहेंगे. अब झारखंडियों के जागने और आपसी मतभेदों दूर कर राज्य में ‘स्वशासन व्यवस्था’ लागू करने हेतु छठवीं अनुसूची राज्य बनाने के लिए एकजुट होने की जरूरत है.