April 9, 2026

Jharkhand Naxal Threat : रांची में बिजली दफ्तर में ‘PLFI’ लिखा लिफाफा और जिंदा कारतूस मिलने से सनसनी, दहशत में कर्मचारी

Jharkhand Naxal Threat

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Ranchi : झारखंड की राजधानी रांची के धुर्वा थाना क्षेत्र स्थित बिजली सब स्टेशन में गुरुवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब कार्यालय परिसर में प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (PLFI) के नाम का एक संदिग्ध लिफाफा मिला। चौंकाने वाली बात यह थी कि इस लिफाफे के साथ 315 बोर का एक जिंदा कारतूस धागे से बंधा हुआ था। इस घटना के बाद से बिजली विभाग के कर्मचारियों और स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल व्याप्त है।

लाल स्याही से लिखा ‘लाल सलाम’ और संगठन का नाम

गुरुवार सुबह जैसे ही बिजली विभाग के कर्मचारी ड्यूटी पर पहुँचे, उनकी नजर इस संदिग्ध लिफाफे पर पड़ी। सफेद रंग के इस लिफाफे पर काले अक्षरों में बड़े-बड़े शब्दों में ‘PLFI’ लिखा था, जबकि किनारे पर लाल स्याही से ‘लाल सलाम’ और ‘जरूरी सूचना’ अंकित था। उग्रवादी संगठन का नाम और साथ में जिंदा गोली देखकर कर्मचारियों के बीच हड़कंप मच गया, जिसके बाद तुरंत इसकी सूचना धुर्वा थाना पुलिस को दी गई।

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पुलिस की शुरुआती जांच: आपसी रंजिश का शक

सूचना मिलते ही धुर्वा थाना प्रभारी दलबल के साथ मौके पर पहुँचे और साक्ष्य के तौर पर लिफाफे व कारतूस को जब्त कर लिया। बारिश की वजह से लिफाफा भीगा हुआ था, जिसे सुखाने के बाद जब पुलिस ने खोला, तो उसके अंदर से किसी संगठन की धमकी के बजाय महज एक व्यक्ति का नाम लिखा हुआ मिला। वह व्यक्ति पास के ही इलाके का रहने वाला बताया जा रहा है। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उस व्यक्ति को पूछताछ के लिए थाने बुलाया। हालांकि, प्राथमिक पूछताछ में उसने इस पूरे घटनाक्रम में अपनी किसी भी तरह की संलिप्तता से साफ इनकार किया है।

क्या बोले हटिया डीएसपी?

मामले की गंभीरता को देखते हुए हटिया डीएसपी प्रमोद कुमार मिश्रा ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि शुरुआती जांच में यह मामला किसी प्रतिबंधित संगठन की धमकी के बजाय व्यक्तिगत दुश्मनी को साधने का प्रयास लग रहा है। लिफाफे के अंदर संगठन की ओर से कोई मांग या औपचारिक धमकी भरा पत्र नहीं मिला है, केवल एक स्थानीय व्यक्ति का नाम है। ऐसा प्रतीत होता है कि किसी ने उस व्यक्ति को फंसाने या डराने के लिए उग्रवादी संगठन के नाम का सहारा लिया है।

हर पहलू की हो रही है जांच

भले ही पुलिस इसे आपसी विवाद मान रही हो, लेकिन राजधानी में उग्रवादी संगठन के नाम के इस्तेमाल को लेकर पुलिस पूरी तरह अलर्ट है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या यह बिजली बिल के किसी पुराने विवाद या किसी अन्य रंजिश का परिणाम तो नहीं है। फिलहाल, धुर्वा पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि लिफाफा फेंकने वाले की पहचान की जा सके। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है।

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