LPG Gas Booking New Rule : LPG सिलेंडरों के बुकिंग नियमों में बड़ा बदलाव, अब 35 दिनों के अंतराल पर मिलेगा दूसरा सिलेंडर
LPG सिलेंडरों के बुकिंग नियमों में बड़ा बदलाव, अब 35 दिनों के अंतराल पर मिलेगा दूसरा सिलेंडर
Ranchi/Jharkhand : खाड़ी क्षेत्र (Gulf Region) में जारी युद्ध की विभीषण परिस्थितियों का सीधा असर अब आम आदमी की रसोई तक पहुंचने लगा है। वैश्विक स्तर पर गैस आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) प्रभावित होने के कारण भारत सरकार और तेल विपणन कंपनियों ने एलपीजी (LPG) सिलेंडर की बुकिंग और वितरण व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। नई व्यवस्था के तहत अब शहरी उपभोक्ताओं को दूसरा गैस सिलेंडर प्राप्त करने के लिए कम से कम 35 दिनों का लंबा इंतजार करना होगा।
बुकिंग की समय-सीमा में लगातार दूसरी बार वृद्धि
गैस की किल्लत को देखते हुए सरकार ने पहले सिलेंडर बुकिंग की समयसीमा को 21 दिनों से बढ़ाकर 25 दिन किया था। लेकिन आपूर्ति के गहराते संकट को देखते हुए इसे अब और बढ़ाकर 35 दिन कर दिया गया है। यानी अब आप एक सिलेंडर लेने के 35 दिन बाद ही दूसरा सिलेंडर बुक कर सकेंगे। यह नियम विशेष रूप से डबल सिलेंडर (DBC) रखने वाले उपभोक्ताओं के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है।
छोटे और कंपोजिट सिलेंडरों के लिए भी नया शेड्यूल
सरकार ने केवल घरेलू 14.2 किलो के सिलेंडर ही नहीं, बल्कि छोटे सिलेंडरों की बुकिंग के लिए भी अलग-अलग अंतराल निर्धारित किए हैं। वहीं, गैस कंपनियों ने उपभोक्ताओं की श्रेणी के आधार पर बुकिंग का अलग-अलग समय तय किया है।
- 5 किलो का सिलेंडर: शहरी उपभोक्ता अब 12 दिन के अंतराल पर ही इसकी बुकिंग कर पाएंगे।
- 10 किलो कंपोजिट सिलेंडर: इसके लिए उपभोक्ताओं को 25 दिन का इंतजार करना होगा।
सिंगल सिलेंडर कनेक्शन वाले उपभोक्ता
- 14.2 किलो सिलेंडर: 25 दिन का अंतर।
- 10 किलो सिलेंडर: 18 दिन का अंतर।
- 5 किलो सिलेंडर: 9 दिन का अंतर।
डबल सिलेंडर कनेक्शन वाले उपभोक्ता:
- 14.2 किलो सिलेंडर: 35 दिन का अंतर।
- 10 किलो सिलेंडर: 25 दिन का अंतर।
- 5 किलो सिलेंडर: 12 दिन का अंतर। ‘DAC’ अनिवार्य और ई-केवाईसी की अपील
वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और कालाबाजारी रोकने के लिए तेल कंपनियों ने ‘डिलिवरी ऑथेंटिकेशन कोड’ (DAC) की व्यवस्था को सख्ती से लागू किया है। अब सिलेंडर की डिलिवरी लेते समय उपभोक्ताओं को अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर पर आया हुआ डीएसी कोड हॉकर को बताना अनिवार्य होगा। इसके बिना डिलिवरी संभव नहीं होगी। साथ ही, कंपनियों ने सभी उपभोक्ताओं से जल्द से जल्द ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया पूरी करने का आग्रह किया है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सब्सिडी और गैस आपूर्ति केवल पात्र लोगों तक ही पहुंच रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी तनाव के कारण आने वाले दिनों में ऊर्जा की कीमतों और उपलब्धता पर और भी दबाव बढ़ सकता है। ऐसे में प्रशासन ने जनता से गैस का संयमित उपयोग करने की अपील की है।

