समस्त ब्रह्मांड के स्वामी हैं महाप्रभु, सबपर एक समान बरसती है उनकी कृपा : राष्ट्रपति
कदमा मेरिन ड्राइव में ढाई एकड़ भूखंड पर 100 करोड़ की लागत से बनेगा भव्य जगन्नाथ मंदिर
राष्ट्रपति के रखी आधारशिला, राज्यपाल-सीएम व केन्द्र मंत्री भी समारोह में रहे मौजूद
जमशेदपुर े: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज कदमा मेरीन ड्राइव स्थित ‘श्री जगन्नाथ आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक चैरिटेबल सेंटर’ के भूमि पूजन और शिलान्यास समारोह में शिरकत की. कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने के बाद महामहिम ने विधिवत पूजन कर मंदिर निर्माण की आधारशिला रखी. मौके पर अन्य अतिथियों में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार, मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भी शामिल हुए. वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पुरी के पुरोहितों ने पूरे विधि-विधान के साथ भूमिपूजन संपन्न कराया. राष्ट्रपति ने शिलापट्ट का अनावरण कर केंद्र की आधारशिला रखी. इस अवसर पर सांसद बिद्युत बरन महतो, विधायकद्वय सरयू राय व पूर्णिमा साहू सहित, पूर्व सीएम अर्जुन मुंडा, टाटा स्टील के एमडी एवं सीईओ टी वी नरेंद्रन सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे. उक्त केंद्र का संचालन श्री जगन्नाथ स्पिरिचुअल एंड कल्चरल चैरिटेबल सेंटर ट्रस्ट द्वारा की जाएगी. लगभग 100 करोड़ रुपए की लागत से बननेवाले इस केंद्र की रूप-रेखा ओडिशा के पुरी स्थित जगन्नाथ मंदिर की तर्ज पर होगी. मौके पर मैनेजिंग ट्रस्टी एसके बेहरा ने महामहिम को शाल ओढ़ाकर और श्री जगन्नाथ महाप्रभु का स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया.
राष्ट्रपति ने कहा कि महाप्रभु जगन्नाथ समस्त ब्रह्मांड के स्वामी हैं. उनकी कृपा बिना किसी भेदभाव के समस्त मानव जाति पर समान रूप से बरसती है. उन्होंने कहा कि कोल्हान क्षेत्र जीवंत आदिवासी परंपराओं और देश की अन्य आध्यात्मिक परंपराओं के संगम का एक सुंदर उदाहरण प्रस्तुत करता है. इस क्षेत्र के लोगों ने सदियों पुरानी परंपराओं को संरक्षित रखा है. विभिन्न समुदायों के लोग सद्भाव से एक साथ रहते हैं. यह सामाजिक सद्भाव महाप्रभु जगन्नाथ के प्रति भक्ति का एक महत्वपूर्ण पहलू है.
राष्ट्रपति ने कहा कि विश्व भर में चल रहे युद्ध और संघर्ष उनके लिए चिंता और दुख का विषय है. साथ ही, विश्व समुदाय में महाप्रभु जगन्नाथ के प्रति श्रद्धा और भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं के प्रति सम्मान बढ़ रहा है. भक्ति और आध्यात्मिकता की ओर लोगों का झुकाव इस विश्वास को मजबूत करता है कि महाप्रभु जगन्नाथ विश्व समुदाय की रक्षा और कल्याण सुनिश्चित करेंगे.
श्रीमती मुर्मु ने कहा कि हमारी आध्यात्मिक परंपरा में सभी जीवित प्राणियों और पौधों के प्रति प्रेम और करुणा की भावना को सर्वोच्च महत्व दिया जाता है. इसके अलावा, दान को सबसे बड़ा सद्गुण माना जाता है. उन्होंने ट्रस्ट को आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों की शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और इन बच्चों के लिए बड़े पैमाने पर छात्रावास की सुविधा उपलब्ध कराने का भी सुझाव दिया.
लौहनगरी के साथ आदर्शनगरी भी है यह शहर
राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि यह शहर लौहनगरी के साथ-साथ एक ‘आदर्शनगरी’ भी है. उन्होंने साझा किया कि उन्हें ओडिशा में पांच साल रहकर भगवान जगन्नाथ को समझने का सौभाग्य मिला है. कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास और विरासत दोनों को साथ लेकर आगे बढ़ रहा है.
भव्य जीवंत केन्द्र के स्थापना की रखी गई नींव
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने जय जगन्नाथ का उद्घोष करते हुए कहा कि निश्चित रूप से देश और दुनिया में ऐसी कई संस्थाएं हैं जहां अलग-अलग उद्देश्य और अलग-अलग विचारों के साथ कुछ चीजें स्थापित की जाती है. इन संस्थाओं के माध्यम से हम स्वयं के साथ साथ-साथ मानव जीवन को भी तराशते हैं. इसी कड़ी में आज सामाजिक, आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक समन्वय के भव्य जीवंत केंद्र के स्थापना की नींव रही जा रही है.
महाप्रभु का मंदिर बनना गौरव की बात
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने इसे एक नया अध्याय बताते हुए कहा कि महाप्रभु का नया मंदिर जमशेदपुर में बनना गौरव की बात है. भागदौड़ भरी जिंदगी में मन की एकाग्रता के लिए प्रभु का आशीर्वाद और आध्यात्मिक केंद्र अत्यंत आवश्यक है.
