Tata Power News : टाटा पावर का बड़ा कदम, गुजरात सरकार (GUVNL) के साथ किया समझौता, मूंदड़ा संयंत्र में जल्द लौटेगी रौनक
टाटा पावर का बड़ा कदम, गुजरात सरकार (GUVNL) के साथ किया समझौता, मूंदड़ा संयंत्र में जल्द लौटेगी रौनक
New Delhi : देश की दिग्गज बिजली कंपनी टाटा पावर ने अपने मूंदड़ा संयंत्र के भविष्य को लेकर एक बड़ी सफलता हासिल की है। टाटा पावर की सहायक इकाई कोस्टल गुजरात पावर लिमिटेड (CGPL) ने गुजरात ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड (GUVNL) के साथ एक अनुपूरक बिजली खरीद समझौते (Supplementary PPA) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के बाद अब मूंदड़ा संयंत्र से गुजरात को बिजली की आपूर्ति सुचारू रूप से शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है।
शेयर बाजार को दी आधिकारिक सूचना
कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज को भेजी गई नियामक फाइलिंग में इस विकास की पुष्टि की है। टाटा पावर ने सूचित किया, “मूंदड़ा स्थित इकाइयों के संचालन के अस्थायी निलंबन के संदर्भ में, कंपनी ने अब टाटा पावर मूंदड़ा संयंत्र के लिए गुजरात (GUVNL) के साथ अनुपूरक पीपीए निष्पादित कर लिया है।” यह समझौता उन तकनीकी और वित्तीय बाधाओं को दूर करने की दिशा में एक बड़ा कदम है, जिसकी वजह से संयंत्र का संचालन प्रभावित हो रहा था।
2 जुलाई 2025 से बंद थी इकाइयां
उल्लेखनीय है कि टाटा पावर ने 2 जुलाई 2025 को मूंदड़ा संयंत्र की सभी इकाइयों का संचालन अस्थायी रूप से बंद कर दिया था। संयंत्र के बंद रहने के कारण कंपनी को लगातार वित्तीय नुकसान उठाना पड़ रहा था। इससे पहले, गुजरात मंत्रिमंडल ने इस अनुपूरक पीपीए को अपनी हरी झंडी दे दी थी और आवश्यक सरकारी आदेश भी जारी कर दिए गए थे। अब सभी नियामकीय मंजूरियां मिलने के बाद औपचारिक रूप से समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए गए हैं।
अन्य चार राज्यों के साथ भी चल रही है वार्ता
टाटा पावर की योजना केवल गुजरात तक ही सीमित नहीं है। कंपनी अब इसी तरह के अनुपूरक समझौते महाराष्ट्र, राजस्थान, पंजाब और हरियाणा की सरकारों के साथ भी करने की तैयारी कर रही है। मूंदड़ा संयंत्र इन पांचों राज्यों की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
मूंदड़ा अल्ट्रा मेगा पावर प्रोजेक्ट: एक परिचय
गुजरात के कच्छ में स्थित यह 4,000 मेगावाट का मूंदड़ा अल्ट्रा मेगा पावर प्रोजेक्ट (UMPP) पूरी तरह से कोयला आधारित ताप विद्युत संयंत्र है।
- क्षमता : इसमें 800-800 मेगावाट की कुल पांच इकाइयां हैं।
- क्षेत्र : यह भारत के सबसे बड़े निजी बिजली संयंत्रों में से एक है।
- लाभार्थी राज्य : गुजरात, महाराष्ट्र, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस नए समझौते से न केवल टाटा पावर के राजस्व में सुधार होगा, बल्कि गर्मी के मौसम में बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करने में भी इन राज्यों को बड़ी मदद मिलेगी।
समझौते के मुख्य बिंदु
- पक्षकार : टाटा पावर (CGPL) और गुजरात ऊर्जा विकास निगम (GUVNL)।
- लक्ष्य : मूंदड़ा संयंत्र की बंद इकाइयों को पुनः शुरू करना।
- विस्तार : अन्य 4 राज्यों के साथ भी जल्द हो सकते हैं ऐसे ही समझौते।
- महत्व : बिजली संकट को दूर करने और कंपनी के घाटे को कम करने में सहायक।
