February 11, 2026

राज्य सरकार डॉक्टरों की मांगें पूरी करने में नाकाम

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शुक्रवार से अनिश्चितकाल तक रोज़ एक घंटे की हड़ताल, OPD सेवाएं प्रभावित

रायरंगपुर। डॉक्टर की विभिन्न लंबित मांगों को लेकर राज्य सरकार की उदासीनता के विरोध में रायरंगपुर सब-डिविजनल हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने शुक्रवार से प्रदर्शन शुरू कर दिया है। ओडिशा मेडिकल सर्विस एसोसिएशन (OMSA) के आह्वान पर डॉक्टर रोज़ाना सुबह 10 बजे से 11 बजे तक एक घंटे के लिए OPD सेवाएं बंद कर अनिश्चितकालीन आंदोलन कर रहे हैं।एक घंटे की OPD हड़ताल के कारण अस्पताल आने वाले सैकड़ों मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि डॉक्टरों ने स्पष्ट किया है कि इमरजेंसी सेवाएं, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, इमरजेंसी डिपार्टमेंट और अन्य आवश्यक सेवाएं पूरी तरह चालू रहेंगी।

सरकार पर अनदेखी का आरोप

डॉक्टरों का कहना है कि राज्य में डॉक्टरों की भारी कमी के बावजूद सरकार नई नियुक्तियां और स्थायी पद सृजन करने में नाकाम रही है। इसके साथ ही काम के दौरान सुरक्षा की कमी, बार-बार हिंसा की घटनाएं, अत्यधिक कार्यभार और बकाया भत्तों का भुगतान न होना गंभीर समस्याएं बनी हुई हैं।

18 सूत्री मांगों को लेकर आंदोलन

डॉक्टरों ने राज्य सरकार के समक्ष 18 सूत्री मांगें रखी हैं, जिनमें प्रमुख रूप से—

  • डॉक्टरों व दंत चिकित्सकों के लिए डीएसीपी के बिना केंद्रीय दर लागू करना
  • कैडर पुनर्गठन
  • वेतन संरचना में सुधार और डीएसीपी से लेवल-15 हटाना
  • केबीके क्षेत्र में 5 वर्ष से अधिक सेवा दे चुके डॉक्टरों का तटीय जिलों में स्थानांतरण
  • विशेषज्ञों व डिप्लोमा धारकों की संख्या बढ़ाना
  • प्रशासनिक व विशेषज्ञ भत्ते की स्वीकृति
  • पोस्टमार्टम भत्ते में वृद्धि
  • रिक्त चिकित्सा पदों को शीघ्र भरना
  • हर वर्ष विभागीय प्रोन्नति
  • डॉक्टरों की कड़ी सुरक्षा और स्वास्थ्य बीमा की व्यवस्था
    शामिल हैं।

चेतावनी: मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन होगा तेज

डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि यदि राज्य सरकार शीघ्र उनकी मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाती है, तो वे सामूहिक अवकाश पर जाकर आंदोलन को और तेज करेंगे। इस संबंध में डॉक्टरों ने बामनघाटी डिप्टी कलेक्टर, एसडीपीओ और रायरंगपुर थाना अधिकारी को मांग पत्र सौंपा है। धरना प्रदर्शन में OMSA के अध्यक्ष एवं SDMO डॉ. रविंद्र नाथ मरांडी, उपाध्यक्ष डॉ. प्रमोद कुमार साहू, संपादक डॉ. सौमेश कुमार महानथ, संयुक्त संपादक डॉ. देवेंद्र नाथ टुडू, कोषाध्यक्ष डॉ. मानसी किस्कूडॉ. रीता टुडूडॉ. गोविंदा सोरेन सहित बड़ी संख्या में डॉक्टर शामिल रहे।