UPSC Result 2025 : झारखंड की बेटियों का शानदार प्रदर्शन, सुदीपा दत्ता बनीं स्टेट टॉपर, गम्हरिया के आयुष कुमार कोल्हान में अव्वल
- टॉप रैंक में लड़कियों का दबदबा, कई जिलों के अभ्यर्थियों ने हासिल की सफलता
Ranchi/Jamshedpur/Jharkhand : संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षा 2025 में इस बार झारखंड के अभ्यर्थियों ने शानदार प्रदर्शन किया है। खास बात यह है कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (8 मार्च) से ठीक पहले जारी हुए परिणाम में राज्य की बेटियों ने परचम लहराया है। अब तक की जानकारी के अनुसार झारखंड के टॉप तीनों स्थानों पर लड़कियों ने कब्जा जमाया है, जो राज्य के लिए गर्व की बात मानी जा रही है।
इस वर्ष झारखंड से एक दर्जन से अधिक अभ्यर्थियों ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल की है, जिससे पूरे राज्य में खुशी और उत्साह का माहौल है।
दुमका की सुदीपा दत्ता बनीं झारखंड टॉपर
दुमका जिले की सुदीपा दत्ता ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया रैंक 41 प्राप्त की है और इसी के साथ वह झारखंड की टॉपर बन गई हैं। सुदीपा की इस उपलब्धि से उनके परिवार और पूरे जिले में खुशी की लहर है।
सुदीपा के पिता सच्चिदानंद दत्ता डाक विभाग में पोस्टमास्टर के पद पर कार्यरत हैं। सुदीपा की यह पहली बड़ी उपलब्धि नहीं है। इससे पहले उनका चयन झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के माध्यम से सीडीपीओ (बाल विकास परियोजना पदाधिकारी) के पद पर भी हो चुका है। अब यूपीएससी में शानदार रैंक हासिल कर उन्होंने एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली है।
बोकारो की अपूर्वा वर्मा को 42वां रैंक
बोकारो स्टील सिटी की रहने वाली अपूर्वा वर्मा ने भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया रैंक 42 हासिल किया है। अपूर्वा के पिता बोकारो स्टील प्लांट में इंजीनियर के पद पर कार्यरत हैं। अपूर्वा की इस सफलता से बोकारो जिले में खुशी का माहौल है।
तेजस्विनी सिंह को 62वां और विपुल गुप्ता को 103वां स्थान
बोकारो जिले की ही तेजस्विनी सिंह ने भी इस प्रतिष्ठित परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए 62वां स्थान प्राप्त किया है। वहीं लातेहार जिले के विपुल गुप्ता ने 103वां रैंक हासिल कर राज्य का नाम रोशन किया है।
धनबाद और सरायकेला के अभ्यर्थियों ने भी लहराया परचम
इसके साथ ही धनबाद जिले के बाघमारा निवासी शुभम कुमार महतो ने 142वां रैंक प्राप्त किया है। वहीं सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया निवासी आयुष कुमार को 143वां स्थान मिला है।
इन अभ्यर्थियों की सफलता ने यह साबित कर दिया है कि झारखंड के युवा भी देश की सबसे कठिन मानी जाने वाली परीक्षा में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं।
महिला दिवस से पहले बेटियों की ऐतिहासिक उपलब्धि
विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार के परिणाम में झारखंड की बेटियों का शानदार प्रदर्शन राज्य में बदलती सामाजिक सोच और शिक्षा के बढ़ते अवसरों का सकारात्मक संकेत है। महिला दिवस से पहले मिली यह सफलता न केवल इन अभ्यर्थियों के लिए बल्कि पूरे राज्य के लिए प्रेरणादायक मानी जा रही है।
