उत्पादन प्रक्रिया को सरल व किफायती बनाता है थ्री डी प्रिंटिंग
आरवीएस कॉलेज में एकदिवसीय कार्यशाला, मिली कई अहम जानकारी
जमशेदपुर : आरवीएस कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में आज थ्री डी प्रिंटिंग की दुनिया में हुए बदलावों पर केंद्रित सेमिनार का सफल आयोजन हुआ. इसके माध्यम से छात्रों, शिक्षकों और उद्योग विशेषज्ञों को थ्री डी प्रिंटिंग की उन्नत तकनीकों, अनुप्रयोगों और भविष्य की संभावनाओं से अवगत कराया गया. कॉलेज के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के हेड प्रोफेसर अमित सिन्हा ने थ्री डी प्रिंटिंग को भविष्य की निर्माण तकनीक बताया. कहा कि थ्री डी प्रिंटिंग न केवल उत्पादन प्रक्रिया को सरल और किफायती बनाता है, बल्कि चिकित्सा, ऑटोमोबाइल और एयरोस्पेस जैसे क्षेत्रों में अभूतपूर्व नवाचार ला रही है.
सेमिनार के मुख्य वक्ता डॉ. विजय कुमार दल्ला (असिस्टेंट प्रोफेसर, एनआईटी, जमशेदपुर) ने थ्री डी प्रिंटिंग की बुनियादी अवधारणाओं से लेकर उन्नत अनुप्रयोगों तक विभिन्न तकनीकों पर प्रकाश डाला. कहा कि मेक इन इंडिया अभियान के तहत इसे देश में बढ़ावा दिया जा रहा है. यह तकनीक उत्पादन लागत को 30-50 प्रतिशत तक कम कर सकती है. उनके व्याख्यान में रीयल-टाइम डेमो भी शामिल था, जहां एक छोटे थ्री डी प्रिंटर का उपयोग कर एक साधारण मॉडल बनाया गया. कार्यक्रम में एक इंटरएक्टिव सेशन भी आयोजित किया गया, जहां प्रतिभागियों ने थ्री डी प्रिंटिंग से जुड़े सवाल पूछे. छात्रों ने मटेरियल साइंस, पर्यावरणीय प्रभाव और स्टार्टअप अवसरों पर चर्चा की. इस अवसर पर कॉलेज के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रमुख ने थ्री डी प्रिंटिंग लैब की जल्द स्थापना की घोषणा की, जो छात्रों को प्रैक्टिकल ट्रेनिंग प्रदान करेगी.
