विपरित परिस्थिति में भी सत्य व धर्म का मार्ग न छोड़ें
काशीडीह रामलीला मैदान में श्रीमद् भागवत कथा का तीसरा दिन
जमशेदपुर : साकची रामलीला मैदान में श्री रामलीला उत्सव ट्रस्ट के तत्वावधान में श्री राम-कृष्ण मित्र मंडल द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन शुक्रवार को वृंदावन धाम से आये स्वामी सर्वानंद जी महाराज ने कहा कि यह संसार भगवान की माया से आच्छादित है और जीव उसी माया में उलझकर जन्म-मरण के चक्र में भटकता रहता है. उन्होंने शुकदेव जी के चरित्र का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान की माया से केवल भक्ति के माध्यम से ही बचा जा सकता है. शुकदेव जी ने जन्म से ही वैराग्य और परमात्मा की भक्ति को अपनाया, इसलिए वे सांसारिक मोह-माया से अछूते रहे. स्वामी जी ने बताया कि शुकदेव जी का जीवन हमें यह सिखाता है कि यदि मनुष्य सच्चे मन से भगवान का स्मरण और भक्ति करें तो माया उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकती.
कथा के दौरान उन्होंने महाभारत प्रसंग का उल्लेख करते हुए कौरव-पांडवों की कथा सुनाई और कहा कि धर्म और सत्य की रक्षा के लिए भगवान स्वयं साथ खड़े होते हैं. उन्होंने कहा कि महाभारत युद्ध अंतत: सत्य और धर्म की विजय का प्रतीक है. उन्होंने श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि जीवन में चाहे कितनी भी विपरीत परिस्थितियां क्यों न आएं, सत्य और धर्म का मार्ग कभी नहीं छोडऩा चाहिए. कार्यक्रम में गोपी बाबू, सुभाष चंद्र शाह, डॉ. डी पी शुक्ला, शंकर लाल सिंघल, मगन पांडे, नीरज तिवारी, रोहित मिश्रा, जे के शर्मा सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे. आज के भागवत कथा के मुख्य यजमान डॉ. डीपी शुक्ला, न्यू इस्पात मेल के संपादक बृज भूषण सिंह, नीरज तिवारी तथा अंजनी पांडे शामिल हुए. प्रात: सभी यजमानों ने अपने पूर्वजो की पूजा की संध्या आरती में भी शामिल हुए.
