March 22, 2026

‘युद्ध नहीं, मानवता की जीत’ पर प्रस्तुत की कविताएं

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‘बाचिक मंजरी’ की सांस्कृतिक संध्या में संवेदनाओं का संगम

जमशेदपुर : विश्व कविता दिवस पर साहित्यिक संस्था ‘बाचिक मंजरी’ के तत्वावधान में शनिवार को तृतीय वार्षिकोत्सव पर ‘युद्ध नहीं, मानवता की जीत’ विषय पर आधारित कविता पाठ एवं नृत्य-सांस्कृतिक संध्या का आयोजन साकची रवीन्द्र भवन प्रेक्षागृह में किया गया. मौके पर मुख्य अतिथि झारखंड बंगभाषी समन्वय समिति के अध्यक्ष विकास मुखर्जी, विशिष्ट अतिथियों में तपस मित्र, सब्यसाची चंद, घाटशिला गौरी कुंज के महासचिव तापस चटर्जी और संस्था के अध्यक्ष अरविंद मित्रा शामिल हुए. आयोजन में समाज के विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वाले कई विशिष्ट व्यक्तियों को सम्मानित किया गया जिसमे रवीन्द्र भवन के महासचिव आशीष चौधरी, ताज के अध्यक्ष तुषार दासगुप्ता, नेताजी सुभाष चंद्र बोस के प्रशंसक पी के नंदी, निखिल भारत बंग साहित्य सम्मेलन की अध्यक्ष झरना कर, घाटशिला के डॉ. संदीप चंद्रा, टैगोर स्कूल ऑफ आर्ट्स के अध्यक्ष सुजीत मुखर्जी और चंदना चौधरी शामिल थे.
कार्यक्रम को दो चरणों में विभाजित किया गया, जिसमें पहले चरण में युद्ध-विरोधी कविताओं का पाठ हुआ, जबकि दूसरे चरण में प्रेम और प्रकृति पर आधारित प्रस्तुतियां दी गईं. बाल कलाकारों की प्रस्तुति ने विशेष आकर्षण बटोरा. लगभग 40 कलाकारों की सहभागिता और सुव्यवस्थित संचालन ने कार्यक्रम को सफल बनाया. कार्यक्रम का संचालन सुष्मिता गांगुली और मलय आचार्य ने किया, जिसमें मिथु मंडल ने उनका सहयोग किया. कार्यक्रम की योजना बनाने, समन्वय व निर्देशन करने में सुष्मिता गांगुली की भूमिका सराहनीय रही. मंच की सजावट मलय आचार्य और मौसमी घोष हाजरा ने की.