June 21, 2026

आग लगी, लिफ्ट बंद हुई… अब बालकनी से बच सकती है जान!

5ckf92j_fire-broke-out-elevators-failed-how-safe-skydrops-balcony-escape-system-could-save-lives_625x300_21_June_26

ऊंची इमारतों में आग लगने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, और ऐसे हादसों में सबसे बड़ी चुनौती लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना होती है। लिफ्टें बंद हो जाती हैं, सीढ़ियां धुएं से भर जाती हैं और राहत दल के पहुंचने में समय लग सकता है। इसी गंभीर समस्या का समाधान खोजने के लिए दिल्ली की एक स्टार्टअप ने ऐसा सिस्टम विकसित किया है, जो आपात स्थिति में लोगों को सीधे बालकनी से सुरक्षित नीचे उतार सकता है।

दिल्ली स्थित सेफ स्काईड्रॉप (Safe Skydrop) ने भारत का पहला CE-प्रमाणित पर्सनल वर्टिकल एग्रेस डिवाइस पेश किया है। यह विशेष रूप से हाई-राइज इमारतों के लिए तैयार किया गया है और तब काम आता है जब पारंपरिक निकासी मार्ग पूरी तरह बेकार हो जाएं। कंपनी का दावा है कि यह सिस्टम बिजली, बैटरी या किसी बाहरी ऊर्जा स्रोत पर निर्भर नहीं है, इसलिए ब्लैकआउट जैसी स्थिति में भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।

यह तकनीक एक स्वचालित स्पीड-कंट्रोल डिसेंडर पर आधारित है, जो मजबूत बालकनी दीवार से स्थायी रूप से जुड़ा रहता है। आपात स्थिति में उपयोगकर्ता सुरक्षा हार्नेस पहनकर सिस्टम से जुड़ता है और नियंत्रित गति से जमीन तक उतर सकता है। इसकी ब्रेकिंग तकनीक व्यक्ति को लगभग 0.8 से 1 मीटर प्रति सेकंड की सुरक्षित रफ्तार से नीचे पहुंचाती है। खास बात यह है कि इसमें बच्चों के लिए अलग सुरक्षा हार्नेस भी उपलब्ध हैं और एक ही केबल के जरिए कई लोग क्रमवार नीचे उतर सकते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण और ऊंची इमारतों की संख्या को देखते हुए ऐसी तकनीकें भविष्य में जीवनरक्षक साबित हो सकती हैं। कंपनी हर उपयोगकर्ता को प्रशिक्षण और नियमित निरीक्षण की सुविधा भी देती है, जिससे लोग केवल बचाव दल पर निर्भर रहने के बजाय खुद भी आपदा के समय सुरक्षित निकलने में सक्षम बन सकें। यदि यह तकनीक व्यापक स्तर पर अपनाई जाती है, तो हाई-राइज इमारतों में सुरक्षा के मानकों को एक नई दिशा मिल सकती है।