अरका जैन विश्वविद्यालय के नर्सिंग के नवनामांकित छात्रों ने जाना तनाव मुक्त परीक्षा और नैतिक मूल्यों के टिप्स
विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ नर्सिंग में सप्ताहव्यापी ‘आरंभ 2025’ संपन्न
सर्च न्यूज : जमशेदपुर : अरका जैन विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ़ नर्सिंग की ओर से सात दिवसीय स्टूडेंट इंडक्शन एवं ओरिएंटेशन प्रोग्राम ‘आरंभ 2025’ का आयोजन किया गया। इस सप्ताहव्यापी कार्यक्रम का उद्देश्य बीएससी नर्सिंग के नवनामांकित छात्र-छात्राओं को न केवल शैक्षणिक दिशा देना, बल्कि उन्हें नर्सिंग पेशे के व्यावसायिक मूल्यों, नैतिक जिम्मेदारी और विश्वविद्यालय के समग्र वातावरण से परिचित कराना भी था।
पहले दिन कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन हुआ। अतिथियों और विश्वविद्यालय के अधिकारियों के प्रेरक संबोधन और आशीष के साथ कार्यक्रम क्रमशः आगे बढ़ता गया। विशिष्ट अतिथि सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट कर्नल संगीता सिन्हा और अनीता नवपंख फाउंडेशन के एसके सिंह व उनके परिजनों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को गरिमा प्रदान की। इस दौरान फ्लोरेंस नाइटिंगेल के जीवन पर सत्र और अनीता नवपंख फाउंडेशन का छात्रवृत्ति सम्मान समारोह आयोजित किया गया।
शैक्षणिक उत्कृष्टता, अनुशासन, ईमानदारी व करूणा पर जोर
विश्वविद्यालय के डायरेक्टर कम रजिस्ट्रार डॉ. अमित कुमार श्रीवास्तव ने छात्रों को आशीर्वचन दिए। प्रो-वाइस चांसलर प्रो. (डॉ.) अंगद तिवारी ने शैक्षणिक उत्कृष्टता पर बल दिया। वहीं विश्वविद्यालय प्रबंधन बोर्ड के चेयरपर्सन प्रो. (डॉ.) एसएस रजी ने पेशेवर ईमानदारी की आवश्यकता पर ज़ोर दिया। स्कूल ऑफ नर्सिंग की प्राचार्य प्रो. जिनु एनी जोसेफ ने बताया कि नर्सिंग के पेशे में करुणा, अनुशासन और समर्पण की महत्वा नितांत आवश्यक है।
विशेषज्ञ व्याख्यान और महत्वपूर्ण जागरूकता सत्र
कार्यक्रम के दूसरे दिन छात्रों को प्रतिष्ठित स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने महत्वपूर्ण व्याख्यान दिए। इनमें टीएमएच टिनप्लेट के चीफ मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. चिरंतन बोस और रांची स्थित सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ साइकियाट्री (सीआईपी) की विभागाध्यक्ष डॉ. सुमिता एसएल मासिह ने छात्रों का मार्गदर्शन किया। टीएमएच टिनप्लेट की नर्सिंग सुपरिंटेंडेंट जी. अनुराधा ने भी अपना अनुभव साझा किए।
आंतरिक सत्र में विशेषज्ञों ने दी कई महत्वपूर्ण जानकारी
छात्रों ने विश्वविद्यालय के आंतरिक संसाधन विशेषज्ञों से कई अनिवार्य जागरूकता सत्रों में भाग लिया। इनमें जेंडर सेंसिटाइजेशन, POSH अधिनियम (यौन उत्पीड़न निषेध), एंटी-रैगिंग दिशानिर्देश और नए छात्रों के लिए शिकायत निवारण प्रक्रिया शामिल थे। साथ ही, पुस्तकालय सेवाओं, परीक्षा प्रक्रियाओं और छात्र सहायता तंत्र पर अभिमुखीकरण सत्र आयोजित किए गए, जिसने उनकी नींव को मजबूत किया।
गुणवत्ता और सामुदायिक सेवा पर बल
कार्यक्रम के चौथे दिन डॉ. रेखा सिंह गांगुली (हेड–क्वालिटी एवं पेशेंट एक्सपीरियंस, टाटा मेन हॉस्पिटल, जमशेदपुर) का मार्गदर्शन छात्रों को मिला। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्ता एवं रोगी-केंद्रित देखभाल के मानकों की विस्तृत जानकारी दी।
कौशल विकास की दी गई जानकारी
इस दौरान एनसीसी, एनएसएस, प्रोफेशनल एथिक्स एवं मानवीय मूल्यों तथा प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट विभाग द्वारा भी महत्वपूर्ण सत्र आयोजित किए गए। इस दौरान छात्रों ने योगिक ज़ुम्बा सत्र में उत्साहपूर्वक भाग लिया, जो उनके शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के लिए लाभकारी रहा।
सांस्कृतिक प्रस्तुति एवं व्यावहारिक अनुभव
छात्रों द्वारा प्रस्तुत किए गए सांस्कृतिक नृत्य, नाट्य-प्रस्तुतियां और मनोरंजक गतिविधियां विशेष आकर्षण रहीं, जिन्होंने उनकी सृजनशीलता और टीमवर्क को प्रदर्शित किया।छात्रों को व्यावहारिक अनुभव बढ़ाने के लिए सभी संबद्ध अस्पतालों एवं वृद्धाश्रम के शैक्षणिक भ्रमण पर ले जाया गया, जिससे उन्हें वास्तविक चिकित्सा और सामुदायिक देखभाल के वातावरण का अनुभव प्राप्त हुआ।
सामाजिक उत्तरदायित्व
कार्यक्रम का समापन मोहनपुर गांव में वृक्षारोपण अभियान के साथ हुआ, जो विश्वविद्यालय की पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस सात दिवसीय कार्यक्रम के माध्यम से बीएससी नर्सिंग के नए छात्र-छात्राओं को आत्मविश्वास, अनुशासन और व्यावसायिक दक्षता के साथ भविष्य के लिए तैयार किया गया।

