June 18, 2026

अयोध्या में बड़ा संकेत! CM योगी के दौरे से पहले बदला प्रोटोकॉल, मंच से दूर रहेंगे चंपत राय?

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अयोध्या: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शुक्रवार को प्रस्तावित अयोध्या दौरे से पहले एक प्रशासनिक फैसले ने राजनीतिक और धार्मिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है। जिला प्रशासन द्वारा तैयार किए गए प्रोटोकॉल में राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के बजाय उनके प्रतिनिधि को शामिल किए जाने की बात सामने आई है। इसके बाद सवाल उठने लगे हैं कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख चेहरों में से एक चंपत राय इस बार मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों में केंद्र में दिखाई नहीं देंगे।

यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब ट्रस्ट से जुड़े कथित चंदा चोरी मामले की जांच चर्चा में है। हालांकि जांच अभी जारी है और किसी भी स्तर पर कोई निष्कर्ष सामने नहीं आया है, लेकिन प्रशासनिक प्रोटोकॉल में हुए इस बदलाव ने अटकलों का बाजार गर्म कर दिया है।

सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने दौरे के दौरान अयोध्या में कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। राम नगरी में विकास परियोजनाओं, श्रद्धालुओं की सुविधाओं और धार्मिक गतिविधियों की समीक्षा भी उनके एजेंडे का हिस्सा मानी जा रही है। लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा उस सूची को लेकर हो रही है, जिसमें ट्रस्ट का प्रतिनिधित्व चंपत राय के बजाय किसी अन्य प्रतिनिधि द्वारा किए जाने का उल्लेख है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अयोध्या से जुड़ा हर प्रशासनिक और धार्मिक फैसला राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बनता है। ऐसे में मुख्यमंत्री के दौरे से पहले प्रोटोकॉल में यह बदलाव केवल एक औपचारिक प्रक्रिया है या इसके पीछे कोई बड़ा संदेश छिपा है, इस पर बहस तेज हो गई है।

फिलहाल प्रशासन की ओर से इस बदलाव को लेकर कोई विस्तृत आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। वहीं, ट्रस्ट की तरफ से भी इस विषय पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। ऐसे में सभी की निगाहें अब शुक्रवार को होने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अयोध्या दौरे पर टिकी हैं।

अयोध्या की सियासत और राम मंदिर से जुड़े घटनाक्रम हमेशा देशभर का ध्यान आकर्षित करते रहे हैं। ऐसे में यह दौरा सिर्फ एक प्रशासनिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि कई राजनीतिक और धार्मिक संकेतों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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