February 11, 2026

भोजपुरी साहित्य सम्मेलन में शामिल हुए शहर के पांच साहित्यकार

IMG-20251202-WA0011

● जमशेदपुर भोजपुरी साहित्य परिषद द्वारा प्रकाशित काव्य संग्रह लोकार्पित

जमशेदपुर : अमनौर, सारण (बिहार) में आयोजित दो दिवसीय अखिल भारतीय भोजपुरी साहित्य सम्मेलन का 28 वाॅ अधिवेशन सम्पन्न हो गया. अधिवेशन का उद्घाटन सूबे के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया. इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भोजपुरी भारत की समृद्ध और सर्वाधिक बोली जानेवाली भाषाओं में से एक है तथा इसे संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल कराने के लिए सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है. सांसद सह गायक मनोज तिवारी ने कहा कि एक वर्ष के अंदर भोजपुरी सहित तीन अन्य भाषा राजस्थानी, भोटी और ब्रजभाषा को संविधान के आठवीं अनुसूची में शामिल कराया जाएगा. सरकार इसके लिए गंभीर है, इसकी प्रक्रिया चल रही है.
बिहार के पथ निर्माण मंत्री नितीन नवीन सहित सांसद मनोज तिवारी, राजीव प्रताप रुढी, विधायक जनक सिंह, केदार सिंह, कृष्ण कुमार सिंह उर्फ मंटू सिंह, छोटी कुमारी, एमएलसी विरेन्द्र नारायण यादव, संजय मयूख, फिल्मी कलाकार अक्षरा सिंह, गायिका कल्पना पटवारी सहित कई गणमान्य लोगों ने अपने विचार रखे.
इस दौरान सांस्कृतिक मंच को लोक गायिका कल्पना पटवारी, मनीषा श्रीवास्तव, निशा उपाध्याय सहित अन्य कई कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया. आयोजन के दौरान कई सत्रों में भोजपुरी साहित्य से सम्बन्धित कई महत्वपूर्ण विषयों पर साहित्यकारों के बीच परिचर्चाएं हुई. अधिवेशन के समापन सत्र में मंच से पूर्व अध्यक्ष डाॅ. ब्रज भूषण मिश्र ने भोजपुरी से संबंधित कई प्रस्ताव रखे, जिसे उपस्थित जनसमूह ने दोनों हाथ उठाकर ओम ध्वनि के साथ पारित किया. इसी सत्र में जमशेदपुर भोजपुरी साहित्य परिषद द्वारा प्रकाशित डाॅ. वीणा पाण्डेय भारती की काव्य संग्रह ‘सउंसे चान आकासे’, कैलाश नाथ शर्मा ‘गाजीपुरी’ के गीत संग्रह ‘चल चलीं गउंवां के ओर’ तथा शकुंतला शर्मा रचित ‘पिरीतिया के डोर’ लोकार्पित की गई. कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय महामंत्री डाॅo जयकान्त सिंह जय ने किया.
आयोजन के आखिरी सत्र राष्ट्रीय कवि सम्मेलन में देश-विदेश से आये भोजपुरी के विख्यात कवियों संग जमशेदपुर के डाॅ. रागिनी भूषण, डाॅ. वीणा पाण्डेय ‘भारती’, माधवी उपाध्याय, डाॅ. उदय प्रताप हयात, पुनम शर्मा स्नेहिल, शकुंतला शर्मा तथा कैलाश नाथ शर्मा ‘गाजीपुरी’ ने अपनी कविताएं प्रस्तुत की. मौके पर सम्मेलन के आगामी 28वें सत्र के लिए नवगठित प्रवर समिति तथा राष्ट्रीय कार्यकारिणी की घोषणा की गई, जो इस प्रकार है.

प्रवर समिति : डॉ. अर्जुन दास केशरी (सोनभद्र), सूर्यदेव पाठक पराग (लखनऊ), डाॅ. रिपुसूदन श्रीवास्तव (मुजफ्फरपुर), आचार्य हरेराम त्रिपाठी चेतन (राॅची), डाॅ. ब्रज भूषण मिश्र (मुजफ्फरपुर), कनक किशोर (राॅची), महेन्द्र प्रसाद सिंह (नई दिल्ली), डाॅo विष्णुदेव तिवारी ( बक्सर), डाॅo प्रसेनजित तिवारी (जमशेदपुर), हरेन्द्र कुमार पाण्डेय (कोलकता), सुभाष चंद्र यादव (गोरखपुर), डाॅ. सुनील कुमार पाठक (पटना), राजेन्द्र भारती ( बलिया), डाॅ. प्रेमशीला शुक्ल (अहमदाबाद), शिवानुग्रह नारायण सिंह (सारण).

राष्ट्रीय कार्यसमिति : अध्यक्ष-डाॅ. महामाया प्रसाद विनोद. कार्यकारी अध्यक्ष-भगवती प्रसाद द्विवेदी,
उपाध्यक्ष-डाॅ. कमलेश राय (मऊ, उ.प्र.), डाॅ. अजय कुमार ओझा (जमशेदपुर) व उदय नारायण सिंह (सारण). कोषाध्यक्ष-जितेन्द्र कुमार (आरा),
महामंत्री-डाॅ. जयकान्त सिंह ‘जय’ (मुजफ्फरपुर), साहित्य मंत्री-गुलरेज शहजाद (मोतिहारी), प्रकाशन मंत्री-ज्योतिष पाण्डेय (पटना),
प्रबंध मंत्री-डाॅ. मधुबाला सिन्हा (बनारस), कला मंत्री-मनोज भावुक (दिल्ली), संगठन मंत्री-जलज कुमार अनुपम ( नई दिल्ली), प्रचार मंत्री-राजेश भोजपुरिया (जमशेदपुर) व कार्यालय मंत्री-दिलीप कुमार (पटना).
कार्यसमिति सदस्य : अरविन्द श्रीवास्तव (सारण), डाॅ. वीणा पाण्डेय भारती (जमशेदपुर), माधवी उपाध्याय (जमशेदपुर), डाॅ. ओम प्रकाश राजापुरी (सारण), डाॅ. जगमोहन कुमार (प. चम्पारण), सुनील कुमार यादव (बलिया), राजन कुमार (सारण), कौशल मुहम्मदपुरी (मुजफ्फरपुर), नीतू सुदीप्ता नित्या (बिटिया), राम बहादुर राय (गाजीपुर), रामेश्वर भोजपुरी (हाजीपुर).

मीडिया कोषांग : डाॅ. रंजन विकास (पटना), सच्चिदानंद ओझा (सारण) व
राकेश कुमार सिंह.

विधिक सलाहकार : चन्द्रशेखर सिंह (अधिवक्ता, उच्च न्यायालय, पटना).

प्रदेश इकाई संयोजक : जनार्दन सिंह (देवरिया, उ.प्र.), उमाशंकर राय ( कानपुर,उ.प्र.), डॉ. राजेश कुमार मांझी (नई दिल्ली), रणजीता सिंह (उत्तराखंड),
डॉ. ब्रजभूषण सिंह (बंगाल) व हरेन्द्र कुमार सिंह (चंडीगढ).