भस्मासुर कथा अहंकार के विनाश व विष्णुजी के धर्म रक्षा का प्रतीक
बिष्टुपुर मारवाड़ी मंदिर में चल रहे शिव महापुराण कथा का छठा दिन, कल होगा विश्राम
जमशेदपुर : बिष्टुपुर सत्यनारायण श्याम मारवाड़ी मंदिर में चल रहे शिव महापुराण कथा के छठे दिन रविवार को कथावाचक सुदर्शनाचार्य महाराज ने कहा कि शिव महापुराण शिक्षा देता है कि अहंकार, चाहे वह कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो, भगवान की शरण में आकर ही शांत होता है. कहा कि बाणासुर (सहस्रबाहु) को शिव ने संरक्षण दिया था, भस्मासुर ने वरदान से अहंकार कर स्वयं को भस्म किया और अंधकासुर (शिवपुत्र) का वध महादेव ने अहंकार नष्ट करने के लिए किया.
कथावाचक ने बताया कि बाणासुर की कथा दर्शाती है कि भगवान शिव अपने भक्तों की रक्षा करते हैं, लेकिन अहंकार होने पर उसे नष्ट भी करते हैं. अंधकासुर की कथा दर्शाती है कि अहंकार, अज्ञान (अंधकार) और वासना के विनाश तथा महादेव की शरण में आने पर मुक्ति का प्रतीक है. इस प्रकार भस्मासुर कथा अहंकार के विनाश और भगवान विष्णु द्वारा धर्म की रक्षा का प्रतीक है. कल, सातवें दिन पंचाक्षर महिमा का वर्णन और हवन पूर्णाहूति के साथ कथा का विश्राम होगा. सोमवार को कथा सुबह आठ बजे और हवन पूर्णाहूति अपराह्न 12.30 बजे से होगी. मुख्य यजमान पुष्पा देवी-रामा कांत साह और अंचल-मनीष कश्यप सहित संस्था से जुड़े 11 जोड़ो ने रविवार को सुबह पूजा करायी. रोजाना की तरह आज भी अपराह्न 3 से शाम 6 बजे तक काफी संख्या में भक्तगण शामिल होकर कथा का श्रवण किया. इसका आयोजन धार्मिक संस्था मित्र कांवड़ संघ, टाटानगर द्धारा किया जा रहा है.
जलाराम भवन में भोले बाबा का संकीर्तन आज
जमशेदपुर : धार्मिक संस्था मित्र कांवड़ संघ टाटानगर द्धारा श्री श्री 1008 बाबा बासुकीनाथ का वार्षिकोत्सव के अवसर पर 16 मार्च सोमवार को बिष्टुपुर जलाराम भवन में (श्रीराम मंदिर के पीछे) बाबा बासुकीनाथ का विशाल संकीर्तन (रात्रि जागरण) होगा. इसके पूर्व पूजा और महाआरती शाम 7 बजे से होगी. प्रसाद एवं भंडारा का आयोजन भी होगा. कोलकाता के कलाकारों द्धारा बाबा बासुकीनाथ का भव्य दरबार सजाया जायेगा. संकीर्तन में आमंत्रित कलाकार कोलकाता के संजय शर्मा ‘पवन‘, देवघर की रेणु झा सहित स्थानीय कलाकार अशोक आगीवाल और अनुभव अग्रवाल भजनों की प्रस्तुति देगें.
