बिना भूख के बार-बार भोजन करने से पाचन तंत्र पर पड़ता है अतिरिक्त दबाव
ब्रह्माकुमारीज बिष्टुपुर केन्द्र में प्राकृतिक चिकित्सा जागरुकता कार्यक्रम आयोजित, डा. टेवानी ने दिये टिप्स
जमशेदपुर : ब्रह्माकुमारीज बिष्टुपुर सेंटर में प्राकृतिक चिकित्सा जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें प्रसिद्ध प्राकृतिक चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. रमेश टेवानी (भोपाल) आज केन्द्र पहुंचे. उन्होंने वहां मौजूद लोगों को बेहतर सेहत के लिये कई टिप्स दिये. डा. टेवानी योग विषय में पीएचडी, एम.फिल तथा एम.एससी की उच्च शैक्षणिक उपाधियां प्राप्त कर चुके हैं. साथ ही वे भोपाल में अपने महाविद्यालय का संचालन भी कर रहे हैं. योग और प्राकृतिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए उन्हें नेशनल एवार्ड भी मिल चुका है.
डा. टेवानी ने कहा कि हमारे स्वास्थ्य का मुख्य केंद्र हमारा पेट है. हम कई प्रकार के भोजन का सेवन तो करते हैं, परंतु शरीर से अपशिष्ट पदार्थों के सही निष्कासन पर उतना ध्यान नहीं देते. स्पष्ट किया कि यदि हम दिन में तीन बार भोजन करते हैं तो शरीर से अपशिष्ट का निष्कासन भी उतनी ही बार होना चाहिए. शरीर में लंबे समय तक जमा रहनेवाला अपशिष्ट ही अनेक रोगों की जड़ बनता है. उन्होंने यह भी बताया कि भोजन तभी करना चाहिए जब वास्तविक भूख लगे. बिना भूख के बार-बार भोजन करना पाचन तंत्र पर अतिरिक्त दबाव डालता है और इससे शरीर में अपशिष्ट जमा होने लगता है, जो आगे चलकर कई रोगों का कारण बन सकता है. डॉ. टेवानी ने बताया कि उनके जीवन को बदलनेवाला और अनेक गंभीर रोगियों को नया जीवन देनेवाला एक महत्वपूर्ण तत्व है ‘एनीमा’, जो प्रकृति का ऐसा वरदान है जिसमें अंतिम अवस्था के रोगियों को भी पुनर्जीवित करने की अद्भुत क्षमता होती है. डॉ. टेवानी ने यह भी बताया कि अच्छी और गहरी नींद पाचन और उत्सर्जन की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. यदि हमारी नींद संतुलित और पर्याप्त नहीं है तो शरीर की कई प्राकृतिक क्रियाएं प्रभावित हो जाती है.
