बुद्धि का नहीं, बल्कि काम को अनेकों तरीके से करने का विकल्प है एआई
● युवा जागरूकता कार्यक्रम में नीलोत्पल मृणाल का प्रेरणादायी संबोधन
जमशेदपुर : कोई भी तकनीक न तो रोजगार खत्म करेगा और न ही अवसर कम होंगे. कैलकुलेटर या कंप्यूटर ने किसी गणित के शिक्षक की नौकरी नहीं छिना, बल्कि काम को आसान करते हुए विस्तार दिया. इसी तरह एआई बुद्धि का विकल्प नहीं बल्कि आपके बुद्धि और काम के तरीके को बढ़ाने का विकल्प है. यह बातें प्रसिद्ध साहित्यकार, लेखक नीलोत्पल मृणाल ने स्वामी विवेकानंद जयंती के अवसर पर आयोजित दो दिवसीय युवा जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत विषय “एआई और आज का युवा” पर आयोजन के दौरान मुख्य अतिथि के रूप में कहीं.
सामाजिक संस्था आरम्भ और ई- डिजिटल इंडिया स्किल डेवलपमेंट इंस्टिट्यूट की ओर से आयोजित कार्यक्रम में नीलोत्पल मृणाल ने युवाओं से कहा कि आज का युवा यदि तकनीक, विशेषकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को मानवीय मूल्यों, संवेदनशीलता और रचनात्मक सोच के साथ अपनाता है, तो वह समाज और राष्ट्र के लिए सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम बन सकता है. उन्होंने युवाओं से किताबों, विचारों और तकनीक—तीनों से जुड़े रहने का आह्वान किया. कार्यक्रम में एलबीएसएम कॉलेज के डॉ दीपंजय श्रीवास्तव ने भी अपने सम्बोधन में युवाओं से आज के युवाओं से स्वामी विवेकानंद के आदर्श को अपनाने की बात कही. कार्यक्रम में एनआईटी के प्रो. कौशलेन्द्र, अखिल भारतीय साहित्य परिषद के प्रदेश अध्यक्ष डॉ अशोक कुमार सिंह, ई डिजिटल के राम कृष्ण ठाकुर, संस्था आरम्भ के सचिव कुणाल कुमार, स्वेता कुमारी, अमित सिंह, दिव्या सिंह व शिक्षा जगत से जुड़े अनेक प्रतिष्ठित शिक्षाविद्, बुद्धिजीवी एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। आरंभ टीम एवं ई डिजिटल इंडिया की ओर से सभी अतिथियों, शिक्षा क्षेत्र के गणमान्य व्यक्तियों तथा संस्थान के समस्त स्टाफ सदस्यों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया गया. कार्यक्रम का संचालन विकास श्रीवास्तव ने किया.

