June 24, 2026

CUET-UG 2026: भाजपा नेता कैलाश गहलोत की बेटी देविना बनीं ऑल इंडिया टॉपर, 3 विषयों में हासिल किए 100 परसेंटाइल

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सर्च न्यूज: सच के साथ: सीयूईटी यूजी (CUET-UG) 2026 के घोषित परीक्षा परिणामों में दिल्ली के भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री कैलाश गहलोत की बेटी देविना गहलोत ने ऑल इंडिया रैंक-1 (AIR 1) हासिल कर पूरे देश में पहला स्थान प्राप्त किया है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा जारी किए गए इन नतीजों में देविना ने अपनी अभूतपूर्व सफलता से न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे दिल्ली राज्य का नाम रोशन किया है। इस परीक्षा में देश भर से लाखों छात्र शामिल हुए थे, जिन्हें पीछे छोड़ते हुए देविना राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष स्थान (Topper) पर रहीं।

दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS), वसंत कुंज की छात्रा देविना ने इस परीक्षा में असाधारण प्रदर्शन करते हुए कुल 1232.19 स्कोर अर्जित किया है। उन्होंने अपने चुने गए विषयों में से तीन मुख्य विषयों (इकोनॉमिक्स, पॉलिटिकल साइंस और साइकोलॉजी) में पूरे 100 परसेंटाइल अंक प्राप्त कर एक रिकॉर्ड कायम किया है। इसके अलावा उन्होंने अंग्रेजी विषय में 99.99 परसेंटाइल और फाइन आर्ट्स में 99.91 परसेंटाइल का शानदार स्कोर हासिल किया, जो उनकी विषयवार गहरी पकड़ और कड़ी मेहनत को दर्शाता है। अपनी भविष्य की योजनाओं को साझा करते हुए टॉपर देविना गहलोत ने बताया कि उनकी गहरी रुचि पत्रकारिता और साहित्य (Journalism and Literature) के क्षेत्र में है। उच्च शिक्षा के लिए वह दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) के प्रतिष्ठित सेंट स्टीफंस कॉलेज या हिंदू कॉलेज से इंग्लिश ऑनर्स की पढ़ाई करना चाहती हैं। इसके साथ ही उन्होंने मीडिया से बातचीत में यह भी व्यक्त किया कि वह बड़े होकर अपने पिता कैलाश गहलोत के पदचिन्हों पर चलते हुए देशहित में सामाजिक कार्यों (Social Work) से जुड़ना चाहती हैं।

मीडिया से अपनी सफलता की रणनीति साझा करते हुए देविना ने बताया कि वह किसी भी प्रकार की कोचिंग के बजाय मुख्य रूप से NCERT की पाठ्यपुस्तकों पर निर्भर रहीं और उन्होंने विषय को रटने के बजाय कॉन्सेप्ट को समझने पर पूरा ध्यान दिया। उन्होंने परीक्षा की तैयारी के लिए Previous Year Question Papers को लगातार हल किया और नियमित अंतराल पर ब्रेक लेकर तनावमुक्त रहने को सबसे जरूरी बताया। उन्होंने अपनी इस बड़ी कामयाबी का पूरा श्रेय अपने माता-पिता और बड़ी बहन द्वारा दिए गए दबाव-मुक्त माहौल तथा अपने स्कूल के शिक्षकों के निरंतर मार्गदर्शन को दिया है।