February 11, 2026

‘दयालुता और उदारता ही बनाती है जीवन को सुंदर’

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लोयोला स्कूल, टेल्को ने पूरा किया 10 वर्षों का सफर, नाटक ‘द ब्लू अम्ब्रेला’ का जोरदार मंचन

जमशेदपुर : लोयोला स्कूल, टेल्को ने अपनी स्थापना के 10 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में शुक्रवार को वार्षिकोत्सव का आयोजन किया, जिसमें कला, संस्कृति और विद्यालयीय मूल्यों का अद्भुत समन्वय देखने को मिला. समारोह में मुख्य अतिथि डॉ. संजय कुमार (हेड, टाटा मोटर्स हॉस्पिटल) तथा विशिष्ट अतिथि डॉ. प्रिया अमिताभ (वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ) शामिल हुए. मुख्य अतिथि डा. संजय कुमार ने बच्चों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए छात्रों से कहा कि बड़े सपने देखिए, कड़ी मेहनत कीजिए, आपकी सफलता निश्चित है.
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रसकिन बॉन्ड की चर्चित कहानी ‘द ब्लू अंब्रेला’ पर आधारित नाटक ने न केवल सभागार को भावविभोर किया, बल्कि सच्चाई, सद्भाव, करुणा और त्याग जैसे मानवीय मूल्यों का संदेश भी दिया. नाटक का उद्देश्य बच्चों के माध्यम से यह संदेश देना था कि छोटी-छोटी चीज़ों में लालच नहीं, बल्कि दयालुता और उदारता ही जीवन को सुंदर बनाती है. नृत्य और संगीत की अन्य प्रस्तुतियों ने भी पूरे कार्यक्रम में ऊर्जा और उल्लास का रंग भरा. मौके पर विद्यालय प्रशासन के फादर माइकल धनाराज (रेक्टर), फादर विनोद फर्नांडीस (प्राचार्य, लोयोला स्कूल बिस्टुपुर), फादर जेरी (प्रशासक), चरणजीत ओसन (प्राचार्या, लोयोला स्कूल टेल्को), समन्वयक शिक्षिकाएं रेशमा और ज़ीनत मारिया सुंडी तथा कालीन जेवियर (मॉडरेटर) भी मौजूद थे. धन्यवाद ज्ञापन प्राचार्या चरणजीत ओसन ने किया.

दर्शकों को भाया कलाकारों का अभिनय

‘द ब्लू अंब्रेला’ नाटक में कृतिका ने बिन्या के रूप में अपनी सादगी और मासूमियत से सबका दिल जीत लिया, जबकि मो. यूसुफ ने बिज्जू के किरदार को जीवंत बना दिया. अभिजीत ने रामभरोसे की भूमिका में प्रभावशाली अभिनय किया, और आदर्श ने राजाराम के रूप में अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराई. अवनी ने मां के चरित्र में भावनाओं की गहराई को खूबसूरती से उकेरा, जबकि शौर्य, हितेश और दीपशिखा ने क्रमश: पुजारी, स्कूल मास्टर और उनकी पत्नी की भूमिकाओं में नाटक को मजबूती दी. टी-शॉप हेल्पर के रूप में राघव का सहज और सरल अभिनय भी दर्शकों को खूब भाया.